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MPPSC: स्टैंडर्ड राइटिंग में उत्तर नहीं लिखा तो डब्बा गोल

इंदौर
। M.P. Public Service Commission (MPPSC) Indore (MP) मैनेजमेंट ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा- 2019 के उम्मीदवारों को प्रैक्टिस का मौका दिए बिना एक नए नियम में बांध दिया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने तय किया है कि सभी उम्मीदवारों को स्टैंडर्ड राइटिंग में उत्तर लिखना होगा। यदि उनके अक्षर छोटे या बड़े होते हैं तो उनका डब्बा बोलो ना पक्का है।

MPPSC MAIN EXAM 2019- Q&A book में लिखना होगा

मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने एमपी स्टेट सर्विस मैन एग्जाम- 2019 के लिए डिसाइड किया है कि कैंडिडेट्स को क्वेश्चन पेपर और आंसर शीट अलग-अलग नहीं दी जाएगी बल्कि क्वेश्चन एंड आंसर बुक दी जाएगी। इसमें क्वेश्चन लिखे होंगे और आंसर लिखने के लिए नीचे खाली जगह दी जाएगी। यह खाली जगह उत्तर की शब्द सीमा के अनुसार होगी।

MPPSC SSE 2019 MEIN: Q&A book से सरकार को क्या फायदा होगा

क्वेश्चन पेपर और आंसर शीट अलग-अलग प्रिंट कराने का पैसा बचेगा। 
एमपी पीएससी मैनेजमेंट का कहना है कि पारदर्शिता बढ़ेगी और मूल्यांकन आसान होगा।
वह अज्ञात फायदा जरूर होगा जिसे डिस्क्लोज नहीं किया गया है। 

MPPSC SSE 2019 MEIN: Q&A book से उम्मीदवारों को क्या नुकसान होगा 

मध्य प्रदेश की राज्य सेवा के लिए मुख्य परीक्षा 21 मार्च 2021 से शुरू हो रही है। कैंडिडेट के पास टाइम नहीं है। 
सभी लोगों के लिखने का अपना तरीका होता है। कुछ लोग छोटे अक्षर लिखते हैं और कुछ बड़े। 
आंसर शीट में स्टैंडर्ड राइटिंग को ध्यान में रखते हुए खाली जगह मिलेगी। 
जो लोग छोटे अक्षर लिखते हैं उन्हें ज्यादा लिखना पड़ेगा। 
जो लोग बड़े अक्षर लिखते हैं उनके नंबर कट जाएंगे क्योंकि वह अक्षर का स्टैंडर्ड साइज नहीं होगा। 
सिस्टम चेंज करने में कोई ऑब्जेक्शन नहीं है लेकिन कैंडिडेट्स को प्रैक्टिस के लिए टाइम मिलना चाहिए। यह सिस्टम राज्य सेवा परीक्षा 2020 के लिए प्रस्तावित करेंगे तो उचित होगा। 2019 पर लागू करेंगे तो भ्रष्टाचार माना जाएगा।

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