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किस ब्लड ग्रुप वाले लोग ज्यादा समझदार होते हैं, क्या खून से दिमाग का कोई रिश्ता है - GK IN HINDI

भारत की प्राचीन परंपराओं में से एक यह भी है कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके खून से की जाती थी। उस समय शायद ब्लड ग्रुप चेक करने के लिए कोई उपकरण नहीं थे लेकिन ज्योतिष में 'नाड़ी' को देखकर ब्लड ग्रुप का अनुमान लगाया जाता था। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई बार ऐसे वाक्य सुनने को मिल जाते हैं जिसमें खून का जिक्र होता है। (उन्हें तो सफल होना ही है क्योंकि सफलता उनके खून में है।) सवाल यह है कि क्या खून का दिमाग से कोई रिश्ता है। क्या ब्लड ग्रुप के कारण कोई व्यक्ति दूसरों से ज्यादा समझदार हो सकता है। आइए पता लगाते हैं:-

क्या ब्लड ग्रुप से व्यक्ति के गुणों का निर्धारण होता है

भारत में करीब 50 साल पहले खून से संबंधित वाक्यों को पूरी तरह से नकार दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि सब का खून लाल होता है। खून में कोई अंतर नहीं होता। खून के कारण कोई बड़ा या छोटा नहीं होता। पिछले साल कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में एक स्टडी की गई। इसमें पाया गया कि व्यक्ति के गुणों का निर्धारण करने में ब्लड ग्रुप का महत्वपूर्ण योगदान होता है। B नेगेटिव ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में B पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों का दिमाग तेज चलता है। उनकी सोचने समझने की शक्ति किसी भी दूसरे ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति से ज्यादा अच्छी होती है।

बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की सबसे खास बात क्या है

स्टडी में पाया गया कि 'B पाज़िटिव' ब्लड ग्रुप वाले लोगों के दिमाग में पेरिटोनियल लोब और टेम्पोरल लोब उसके मस्तिष्क के सेरिब्रम में अधिक सक्रिय होता है, जिसके कारण इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों की याददाश्त अच्छी होती है और दिमाग भी एक्टिव रहता है। यही कारण है कि बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को सफलता जल्दी से प्राप्त हो जाती है और वह महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान होते हैं।

क्या सिर्फ बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले ही दुनिया पर राज करते हैं 

अब प्रश्न उपस्थित होता है कि क्या सारी दुनिया पर सिर्फ बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले ही राज करते हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के अध्ययन में इस प्रश्न का उत्तर भी उपस्थित हुआ है। विशेषज्ञों ने बताया कि B पॉजिटिव के बाद O पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले लोग समझदार होते हैं और इनका दिमाग तेज चलता है। ओ पॉजिटिव एक ऐसा ग्रुप है, जिसका ब्लड मनुष्य की रक्त वाहिकाओं में सबसे तेज गति से दौड़ता है। स्वाभाविक रूप से दिमाग में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में पहुंचता है और अच्छी याददाश्त या फिर अच्छे मस्तिष्क के लिए बहुत जरूरी है कि उसमें पर्याप्त मात्रा में अच्छी ऑक्सीजन उपलब्ध हो। 

तो क्या खून के मामले में भारत के प्राचीन मुहावरे सही थे 

अभी इस विषय पर अध्ययन करना बाकी है परंतु इतना तो कहा ही जा सकता है कि वर्तमान वैज्ञानिकों ने खून के जितने ग्रुप शोधित किए हैं, शायद खून में इससे ज्यादा गुण होते हैं। जन्मपत्रिका में जिसे 'नाड़ी' लिखा जाता है मेडिकल लैंग्वेज में उसे ब्लड ग्रुप कहते हैं। यदि इसे आधार मानते हैं तो मेडिकल साइंस को खून के बारे में अभी और भी बहुत सारे अध्ययन करने हैं, क्योंकि भारत की प्राचीन परंपराओं और ग्रंथों में खून के बारे में काफी कुछ लिखा हुआ है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,)


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