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हमीदिया हॉस्पिटल में मरीजों की मौत का विद्युत आपूर्ति अवरोध से कोई संबंध नहीं: कमिश्नर की जांच रिपोर्ट

भोपाल
। हमीदिया चिकित्सालय के कोविड वार्ड में विद्युत आपूर्ति में अवरोध का कोरोना पाजीटिव 3 मरीजों की मृत्यु से कोई संबंध नहीं है। आयुक्त भोपाल संभाग श्री कवीन्द्र कियावत ने राज्य शासन को भेजे जांच प्रतिवेदन में इस तथ्य का उल्लेख किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री कियावत को घटना की जांच कर आज ही प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

यह सही है कि कोरोना यूनिट में डेढ़ घंटा बिजली बंद रही

राज्य शासन को भेजे प्रतिवेदन में आयुक्त श्री कियावत ने उल्लेख किया है कि दिनांक 11 दिसम्बर को शाम लगभग 05.45 से 07.15 के मध्य हमीदिया चिकित्सालय परिसर में म.प्र.म.क्षे.वि.वि.क.से प्रदाय की जा रही विद्युत आपूर्ति में सब स्टेशन में हुए फाल्ट के कारण विद्युत आपूर्ति नहीं हुई। विद्युत आपूर्ति में अवरोध होने पर हमीदिया चिकित्सालय परिसर में स्थापित 05 डी.जी.सेट में से 04 डी.जी.सेट ऑटो स्विच ऑन हो गए थे तथा ट्रामा यूनिट (कोरोना यूनिट) को छोड़कर शेष भाग में विघुत आपूर्ति सुचारू रूप से रही। हमीदिया चिकित्सालय परिसर में वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति के लिए 05 डी.जी. सेट (प्रत्येक 250 के.वी.ए.) स्थापित हैं। ट्रामा यूनिट (कोरोना यूनिट) के डी.जी.सेट का आटो स्विच ऑन नहीं हुआ तथा यह 01 घंटा 30 मिनिट बंद रहा। 

कौन-कौन जिम्मेदार और क्या कार्रवाई की गई

हमीदिया अस्पताल परिसर में स्थापित डी.जी.सेट के संचालन एवं संधारण का उत्तरदायित्व लोक निर्माण विभाग की विद्युत यांत्रिकी शाखा को सौंपा गया था। जिसने इस कार्य को करने के लिए आउटसोर्स एजेंसी के मोहम्मद फईम को यह कार्य सौंपा था। ट्रामा यूनिट के लिए स्थापित डी.जी.सेट के ऑटो स्विच ऑन न होने के लिए प्रत्यक्ष रूप से लोक निर्माण विभाग, विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा ने जिस आउटसोर्स एजेंसी को यह कार्य सौंपा गया था वह प्रथम दृष्टया उत्तरदायी है अतः कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग भोपाल संबंधित एजेंसी के विरूद्ध समुचित कार्यवाही करें। इस कार्य के सफल निष्पादन के लिए जिस अधिकारी को पर्यवेक्षण का उत्तरदायित्व है, उसे भी अपने उत्तरदायित्वों से मुक्त नहीं किया जा सकता। प्रकरण में पर्यवेक्षणीय कार्य के लिए उत्तदायी श्री राकेश बर्वे, उपयंत्री है। जिन्हें 11 दिसम्बर 2020 को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अर्न्तगत निलंबित किया जा चुका है तथा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इस संबंध में श्री जतिन अहिरवार, सहायक यंत्री, लोक निर्माण विभाग, विद्युत एवं यांत्रिकी शाखा को भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के अर्न्तगत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

लाइट आने के बाद सभी मरीज सामान्य थे: कमिश्नर की जांच रिपोर्ट

श्री वैभव जैन, बायो मेडिकल इंजीनियर ने भी विद्युत आपूर्ति में अवरोध के दौरान ट्रामा यूनिट (कोविड यूनिट) में भर्ती मरीजों को आईसीयू वार्ड में उपकरणों पर जो स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थी उन सभी उपकरणों का सुचारू संचालन बैक अप पॉवर से होना सुनिश्चित किया था। ट्रामा यूनिट (कोरोना यूनिट) में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने के बाद सभी कोविड मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण वहाँ पदस्थ चिकित्सकीय अमले द्वारा किया गया तथा उन्होंने वहाँ भर्ती मरीजों की स्थिति में किसी प्रकार की गिरावट का तथ्य तत्समय नहीं पाया था। 11 दिसम्बर की रात्रि 10 बजे से 12 दिसम्बर सुबह 5.00 बजे के मध्य हुई 3 कोविड मरीजों की मृत्यु में कोविड वार्ड में शाम 5.45 बजे से 7.15 के मध्य में विद्युत अवरोध होने का कोई संबंध नहीं है। विद्युत प्रवाह में अवरोध की घटना के दौरान बैटरी बैकअप के माध्यम से मरीजों को सेवा दी जा रही थी तथा वेंटीलेटर के संचालन के लिए बैकअप पावर उपलब्ध था।

संभागायुक्त श्री कियावत ने इस प्रकरण पर दो बिन्दुओं पर जांच कराई थी। पहला बिन्दु हमीदिया अस्पताल में 11 दिसम्बर की शाम 5:45 से रात्रि 7:15 बजे तक विद्युत आपूर्ति किन कारणों से अवरूद्ध हुई व इसके लिए कौन उत्तरदायी है। उन्होंने इस जांच के लिए अपर आयुक्त राजस्व श्रीमती ऊषा परमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच के लिए दूसरा बिन्दु 11 दिसम्बर की रात्रि 10 बजे से 12 दिसम्बर की सुबह 5:00 बजे तक की अवधि में हुई तीन मृत्यु की जांच पर केन्द्रित थी। इस जांच के लिए अधिष्ठाता गांधी मेडिकल कालेज डॉ. श्रीमती अरूणा कुमार को नियुक्त किया गया था।

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