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एक्सीडेंट में घायल की मदद करने वाले को पुलिस परेशान नहीं करेगी, सरकार पुरस्कृत करेगी - NATIONAL NEWS

Legal rights of a person who helps an injured or a victim in a road accident

मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन)-2019 कानून में पहली बार सरकार ने पूरे न्याय के प्रयास किए हैं। एक्सीडेंट करने वाले को सजा का प्रावधान तो पहले से ही था परंतु एक्सीडेंट में घायलों की मदद करने वालों को सरकार की तरफ से शाबाशी भी नहीं मिलती थी लेकिन अब सरकार की ओर से पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा मदद करने वाले नेक इंसानों एवं संस्थाओं को पुलिस परेशान नहीं कर सकेगी। मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन)-2019 कानून में प्रावधान है कि मदद करने वालों को ना तो पुलिस परेशान कर सकती है और ना ही अस्पताल नाम बताने के लिए बाध्य कर सकता है इतना ही नहीं उन्हें कोर्ट में गवाही के लिए प्रस्तुत होना है या नहीं, इसका फैसला भी वह स्वयं करेंगे। उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं होगा।

मध्यप्रदेश में एक्सीडेंट में घायलों की मदद करने वालों को पुरस्कार मिलेगा

पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी.सी. सागर ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की मदद करने वालों को सरकार पुरस्कृत करेगी। सड़क सुरक्षा की दिशा में आम लोगों को दो श्रेणियों में पुरस्कार दिया जाएगा। पीड़ित की मदद करने के एक हफ्ते के अंदर संबंधित व्यक्ति या संस्था को पुरस्कार के लिए अपनी प्रविष्ठियां कार्यालय अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पुलिस मुख्यालय जहांगीराबाद भोपाल में भेजना होगा।

एक्सीडेंट में घायलों को मदद वाला पुरस्कार प्राप्त करने के लिए क्या करें

नामांकन, पुरस्कार और पुरस्कार राशि के संबंध में विस्तृत जानकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट www.morth.nic.in पर भी उपलब्ध है। एडीजी सागर ने बताया कि शासन के इस प्रयास से लोग सड़क दुर्घटना में आहत और पीड़ित लोगों की मदद के लिए आगे आएंगे। दुर्घटना के बाद गोल्डन टाइम और उसके बाद की गई सहायता से घायलों के समय पर उपचार में निश्चित ही मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन)-2019 की धारा-134-(ए) में नेक व्यक्ति को विधिक संरक्षण प्रदान किया गया है। 

मदद करने वाले ने नेक व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पुरस्कृत करने के लिए दो श्रेणियां

सागर ने बताया मददगारों को इनाम देने के लिए दो कैटेगरी रखी गयी हैं। पहली श्रेणी में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, गैर-सरकारी सामाजिक संगठनों, ट्रस्ट और विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। दूसरी श्रेणी में सड़क दुर्घटना के दौरान आपातकाल में महत्वपूर्ण योगदान के लिये Good Samarians- नेक  व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जायेगा। हर श्रेणी में प्रदेश स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर मददगारों को सम्मानित किया जायेगा।

एक्सीडेंट में घायलों की मदद करने वालों को पुलिस परेशान नहीं कर सकती, यह रहा नियम और कानून

एडीजी सागर ने बताया कि मोटर वाहन संशोधन अधिनियम वर्ष 2019 की धारा-134 (ए) के प्रावधानों के अनुसार ( Good Samarians- ऐसे नेक व्यक्ति जो सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति की मदद के लिए आगे आते हैं, उन्हें अधिनियम के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों जैसे- न्यायालय के सामने पेश होना,अस्पताल अथवा अन्य स्थानों पर अपना नाम बताने की बाध्यता) विधिक सुरक्षा के साथ-साथ किसी भी आपराधिक कार्यवाही से मुक्त रखा गया है।


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