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CM Sir, वोट के लालच में कृषि विभाग का भर्ती विज्ञापन गलत निकल गया था, कृपया सुधरवा दें - Khula Khat

माननीय मुख्यमंत्री जी
, जैसा कि हम जानते हैं उप चुनावों के मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार ने मध्यपदेश के बेरोजगार युवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की है इसी के संदर्भ में विगत दिनों व्यापम ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पदों पर भर्ती निकाली है इस भर्ती विज्ञापन में कई त्रुटियां सामने आई है।

जैसा कि हम सबको पता है कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपना वार्षिक कैलेंडर इसीलिए हटाया था क्योंकि माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 27% आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी व्यापमं द्वारा निकाली गई किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में 27% का ओबीसी आरक्षण दिया गया जो कि सीधा-सीधा न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है और यह बात सिर्फ यहां नहीं रुकती बल्कि इसमें आरक्षण को लेकर इंद्रा साहनी मामले को भी ध्यान नहीं रखा गया जिसमें कहा गया है कि आरक्षण किसी भी स्थिति में 50% से ज्यादा नहीं होगा।

जब हम इस विज्ञापन को सूक्ष्मता से देखेंगे तो पाएंगे की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कुल 58 पदों पर भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन है जिसमें सामान्य के लिए मात्र 15 पद दर्शाए गए जो कि कुल पदों का मात्र 25% होता है। इसके बाद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के लिए 614 पद दर्शाए गए हैं जिनमें UR category के लिए मात्र 166 पद दिए गए हैं जो कि कुल पदों का मात्र 27% होता है। 

अतः इस निष्कर्ष से यह पता चलता है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निकाला गया यह विज्ञापन UR category केलिए मात्र 25% पदों की व्यवस्था करता है जो इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय की सरासर अवहेलना है। अतः मेरा मध्य प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन है कि कोरोना के बाद बड़ी मुश्किल से भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रक्रिया को आरक्षण जैसे मुद्दों में ना उलझाए तथा मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ ना करें।

वैसे भी सीधी तौर पर देखें तो यह विज्ञापन पूरी तरीके से भ्रामक विज्ञापन है जिसमें ना केवल मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय के फैसलों को नजरअंदाज किया जा रहा है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है और साथ ही साथ यह सब करके भर्ती प्रक्रिया को और उलझाया जा रहा है। अतः मेरा मध्य प्रदेश के समस्त युवाओं की ओर से आपसे यह निवेदन एवं आग्रह है कि इस प्रक्रिया को इस तरह के विवादों में ना उलझा कर एवं माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों को दृष्टिगत रखते हुए इस रोस्टर को सुधारा जाए और पदों की सही गणना करके सही रोस्टर लागू करके जिसमें युवाओं के लिए कम से कम 50% पद हों ऐसी व्यवस्था करके विज्ञापन निकाला जाए और भर्ती प्रक्रिया की जाए। ✒ रानू पाठक | 

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