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GPF, EPF, PPF: अंतर क्या है, किसमे कितना ब्याज मिलता है / BUSINESS NEWS

भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों के लिए कुछ बचत योजनाएं संचालित की जाती है। यह कुछ खास प्रकार की बचत योजनाएं हैं जिनमें नागरिक अपनी वृद्धावस्था के लिए बचत करते हैं। नागरिकों के वर्गीकरण के हिसाब से इन योजनाओं का नामकरण किया गया है। और इसी वर्गीकरण के हिसाब से इन योजनाओं में ब्याज का निर्धारण होता है। GPF, EPF और PPF ऐसी ही 3 सरकारी योजनाओं का नाम है। जीपीएफ से सरकारी कर्मचारियों की पेंशन का फंड तैयार होता है तो ईपीएफ से प्राइवेट कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड। इसी तरह वह व्यक्ति जो कर्मचारी नहीं है पीपीएफ के माध्यम से अपनी वृद्धावस्था के लिए फंड तैयार कर सकता है।

सामान्य भविष्य निधि / जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF)

जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) अकाउंट सरकारी कर्मचारियों के लिए है। यह एक तरह की रिटायरमेंट प्‍लानिंग है क्‍योंकि, इसकी रकम कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद मिलती है। सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का 15% तक GPF खाते में योगदान कर सकते हैं। इस खाते का 'एडवांस' फीचर सबसे खास है। इसमें कर्मचारी जरूरत पड़ने पर GPF खाते से तय रकम निकाल सकता है और बाद में उसे जमा कर सकता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस खाते के आधार पर उसे बिना ब्याज का लोन मिल जाता है। इस पर कोई टैक्स भी नहीं लगता। सरकार ने GPF की ब्‍याज दर 1 अप्रैल 2020 से लेकर 30 जून 2020 की तिमाही के लिए 7.1 प्रतिश कर दिया गया है। इस स्कीम में भी तिमाही आधार पर ब्याज तय होता है। 

कर्मचारी भविष्‍य निधि / एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF)

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) गैर सरकारी कर्मचारियों के फंड का नाम एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF) होता है। ऐसी कंपनियां या प्रतिष्ठान जहां 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, वहां कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए कर्मचारी भविष्य निधि खाता अनिवार्य रूप से खोला जाता है। पीपीएफ अकाउंट का रेगुलेशन कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) करता है। इसमें कर्मचारी के मूल वेतन का कम से कम 12% और इतनी ही रकम कंपनी की तरफ से जमा की जाती है। इस तरह EPF कर्मचारी का पैसा जमा होते ही दोगुना हो जाता है और फिर उस पर सरकार की तरफ से ब्याज मिलता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए EPF पर ब्याज दर 8.50 फीसदी तय की गई है। श्रम मंत्रालय की तरफ से इसे नोटिफाई किया जाता है।

सार्वजनिक भविष्‍य निधि / पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) 

जैसा कि नाम से स्पष्ट होता है यह आम जनता के लिए ओपन अकाउंट है। इसमें भारत का कोई भी नागरिक पैसा जमा कर सकता है। यह एक सेविंग फंड की तरह है जिसमें बैंक एफडी से ज्यादा ब्याज मिलता है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड के तहत आप अपना अकाउंट किसी भी बैंक में या फिर पोस्ट ऑफिस में खुलवा सकते हैं। इस अकाउंट में 1 साल में कम से कम ₹500 जमा करने होते हैं। फायदा यह है कि इस खाते में जमा की गई रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत आयकर में कटौती का लाभ मिलता है। अप्रैल से जून तिमाही 2020-21 के लिए इस पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा। PPF पर ब्याज की गणना तिमाही आधार पर होती है।


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