कमलनाथ ने कोरोना के नाम पर हाय-तोबा मचाया लेकिन विधायकों को बिना मास्क को बुलाया | MP NEWS
       
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कमलनाथ ने कोरोना के नाम पर हाय-तोबा मचाया लेकिन विधायकों को बिना मास्क को बुलाया | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार कोरोना वायरस के मामले में पिछले 48 घंटे में अचानक संवेदनशील हो गई। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर बिना मास्क के इलाज कर रहे हैं लेकिन राजधानी में कोरोनावायरस के नाम पर विधानसभा सदन स्थगित करने की तैयारी की जा रही है। मजेदार बात यह है कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने रविवार देर शाम अचानक विधायक दल की मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में किसी भी विधायक के पास मास्क नहीं था। इससे पहले कैबिनेट मीटिंग में भी मंत्रियों ने मास्क नहीं लगाया। सभी मंत्री बेधड़क बिना मास्क लगाए लोगों से मिल रहे हैं।

कोरोना वायरस के मामले में सरकार अचानक संवेदनशील हो गई 

कोरोना वायरस का खतरा पूरी दुनिया में बना हुआ है। मध्य प्रदेश में 2 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था कि एक भी केस पॉजिटिव नहीं है। किसी तरह की चिंता की कोई बात नहीं है। फिर अचानक सरकार संवेदनशील हो गई। एक के बाद एक दर्जनों आदेश जारी किए गए। स्कूल कॉलेज, टॉकीज, हर ऐसी जगह को बंद करने के आदेश दे दिए जहां 20 से अधिक लोग इकट्ठा होते हैं। 

विधायकों के प्रति लापरवाही कमलनाथ सरकार, रणनीति बनी तो स्क्रीनिंग शुरू हो गई

अपने विधायकों के प्रति कमलनाथ सरकार कितनी संवेदनशील थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जयपुर से भोपाल आए कांग्रेस के विधायकों की एयरपोर्ट पर कोई स्क्रीनिंग नहीं की गई। जबकि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की सुविधा है। वह आराम से होटल तक पहुंचे। लोगों से मिले। इसके बाद अचानक शाम को मैरिएट होटल में आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। डॉक्टरों ने सभी विधायकों की स्क्रीनिंग की। 

विधानसभा अध्यक्ष को चिंता लेकिन गाइडलाइन नहीं 

विधानसभा अध्यक्ष श्री एनपी प्रजापति ने बयान दिया की मुखिया होने के नाते उनकी पहली प्राथमिकता विधायकों का स्वास्थ्य है। वह किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते लेकिन विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति का दूसरा चेहरा यह भी है कि उन्होंने भोपाल में आ चुके विधायकों के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं है। सीएम कमलनाथ ने विधायक दल की मीटिंग बुलाई। विधायक बिना मास्क लगाए सीएम हाउस पहुंच गए। इससे पहले स्क्रीनिंग के दौरान भी विधायक हंसी ठिठोली करते रहे। स्क्रीनिंग से पहले ना केवल एक दूसरे से हाथ मिलाए बल्कि और भी कई लोगों से हाथ मिलाए।