तीर्थ दर्शन योजना पर मंत्री गोविंद सिंह का विवादित बयान: फ्री फंड में यात्रा करने वालों को भगवान आशीर्वाद नहीं देते | MP NEWS
       
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तीर्थ दर्शन योजना पर मंत्री गोविंद सिंह का विवादित बयान: फ्री फंड में यात्रा करने वालों को भगवान आशीर्वाद नहीं देते | MP NEWS

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई तीर्थ दर्शन योजना को कमलनाथ सरकार ने बंद करने का फैसला किया है। सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने जो बयान दिया वह विवादित हो गया है। 

तीर्थ दर्शन योजना के बारे में क्या कहा मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने 

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने तीर्थ दर्शन योजना को फिजूलखर्ची बताया। उनका कहना है कि बुजुर्ग ट्रेनों में भर भर कर तफरी करने जाते हैं। सरकार को इस योजना पर खर्च होने वाला पैसा विकास कार्य में लगाना चाहिए। डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि लोगों को यदि तीर्थ यात्रा करनी है तो उन्हें अपने खर्चे पर करना चाहिए। 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा' पर मध्यप्रदेश मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम करना सरकार के काम नहीं।सरकार के खर्च पर कराई गई तीर्थ यात्रा के मैं विरोध में हूं।सरकार के पैसे से धर्म करना हमारी मान्यता के विपरीत है,ऐसे फ्री फंड में जो यात्रा करते हैं उनको भगवान आर्शीवाद नहीं देता।

तीर्थ दर्शन योजना बंद करने की प्लानिंग हो चुकी है

बता दें कि मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत चलने वाली 6 ट्रेनों को बंद करने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश सरकार पर IRCTC की 17 करोड़ की देनदारी है। आर्थिक संकट के नाम पर कमलनाथ सरकार की योजनाएं बंद करना चाहती है। तीर्थ दर्शन योजना इसी लिस्ट में एक नाम है।

''भावनात्मक संबंधों को ये क्या समझेंगे, तीर्थ कराना पवित्र कार्य''

सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा, ''भावनात्मक संबंधों को ये क्या समझेंगे। जो सक्षम और समर्थ नहीं है उन बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा करवाना पवित्र कार्य है। अब उनको बंद करना है। वह हर अच्छे काम को बंद कर रहे है। मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि जिस योजना से जनता का हित जुड़ा हो, लोग लाभान्वित हो रहे हों, कांग्रेस सरकार उसका लाभ देना बंद कर देती है। यह योजना बुज़ुर्गों के तीर्थाटन हेतु प्रारम्भ की गई थी, लेकिन सरकार ने इस पुनीत कार्य पर भी ब्रेक लगा दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।''