मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नियम बदले | Madhya Pradesh mukhyamantri Kanyadan Yojana
       
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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नियम बदले | Madhya Pradesh mukhyamantri Kanyadan Yojana

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के नियमों में परिवर्तन किया है। अब इस योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राहियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके अलावा योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड होगा। हितग्राहियों का आधार नंबर योजना से लिंक किया जाएगा ताकि वह दोबारा इस योजना का लाभ ना ले पाए।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज अनिवार्य

मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इन्हें देखते हुए सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने योजना का लाभ लेने के लिए नियमों में बदलाव किया है। विभाग ने किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए युवक और युवती का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा उनसे समग्र आईडी, मोबाइल नंबर, बचत खाता नंबर और आयु प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही को स्थानीय निकाय में आवेदन करना होगा।

निकाय विवाह पोर्टल पर आवेदन को ऑनलाइन करेगा। वे तय सामूहिक विवाह कार्यक्रम से तीन दिन पहले तक पंजीयन करा सकेंगे। सत्यापन में हितग्राही के पात्र पाए जाने पर पोर्टल के माध्यम से संबंधित जिले के संयुक्त एवं उप संचालक को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन भेजी जाएगी। वे प्रोत्साहन राशि को कोषालय के माध्यम से संबंधित जोड़े के बैंक खातों में पहुंचाएंगे। यह जानकारी विवाह पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

51 हजार रुपए मिलते हैं
योजना के तहत सरकार 51 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देती है। इसमें से तीन हजार रुपये सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर खर्च किए जाते हैं, जबकि शेष 48 हजार रुपये युवती के बैंक खाते में जमा दिए जाते हैं। नई प्रक्रिया को लेकर सामाजिक न्याय विभाग ने सभी कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिए हैं।