इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने हाईकोर्ट में कहा " ऑल इज वेल" अब किसी को परेशानी नहीं होगी | INDORE NEWS
       
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इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने हाईकोर्ट में कहा " ऑल इज वेल" अब किसी को परेशानी नहीं होगी | INDORE NEWS

इंदौर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ट्रैफिक पुलिस ने पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि इंदौर में अब सब कुछ ठीक है। हर चौराहे पर पुलिस के जवान तैनात हैं। किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।

हाईकोर्ट में ड्यूटी रजिस्टर लेकर आई थी ट्रैफिक पुलिस

शहर में ट्रैफिक की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने पुलिस और नगर निगम को आदेश दिए थे कि हर चौराहे पर दो ट्रैफिक जवान तैनात रहें। सिग्नल युक्तियुक्त तरीके से लगाए जाएं, ताकि एक सिग्नल के ग्रीन होने पर वाहन आगे बढ़ें तो हर चौराहे पर उन्हें सिग्नल ग्रीन ही मिले। ट्रैफिक पुलिस और निगम को कोर्ट में पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश करना थी। अब ट्रैफिक पुलिस ने जवाब दिया है कि कोर्ट के आदेश के बाद प्रमुख चौराहों पर दो-दो जवान तैनात कर दिए हैं। चाहें तो ड्यूटी रजिस्टर देख लें। किस चौराहे पर कौन से जवान की ड्यूटी लगाई गई है, इसका उल्लेख किया गया है। बड़े चौराहों पर दो और छोटे पर एक जवान हमेशा तैनात रहता है। खासकर दफ्तर जाने और लौटने के वक्त। 

इंदौर में ट्रैफिक सिग्नल बहुत परेशान करते हैं, पुलिस ने समाधान नहीं किया: याचिकाकर्ता

अधिवक्ता अजय बागड़िया द्वारा यह जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट की डिविजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट को बताया गया कि सिग्नल की टाइमिंग अब भी ठीक नहीं है। बीआरटीएस, एमजी रोड पर एक सिग्नल से आगे बढ़ने पर फिर दूसरे पर वाहनों को रुकना पड़ रहा है। इससे जाम की स्थिति बन जाती है। दो से तीन बार सिग्नल ग्रीन होने पर ही वाहन निकल पा रहे हैं। कोर्ट ने नगर निगम को इस पर जवाब देने के लिए कहा है। सिग्नल के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। चार सप्ताह में निगम को जवाब पेश करना है।

बायपास के बेतरतीब बोगदों में जाम से निजात के लिए तैनात होंगे ट्रैफिक वार्डन और जवान

राऊ-देवास बायपास पर शहरी सीमा से सटकर बने बेतरतीब बोगदों का हल निकाला जा रहा है। हाल ही में ट्रांसपोर्ट रिव्यू कमेटी की बैठक में ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों ने सुझाव दिए हैं। इसमें कहा है कि जाम से निजात पाने के लिए स्कूलों को भी सहयोग के लिए आगे आना होगा। वे अपने स्तर पर ट्रैफिक वार्डन की नियुक्ति कर सकते हैं।

वहीं, पुलिस की ओर से भी एक जवान की तैनाती इन बोगदों के पास की जाएगी, ताकि जाम की स्थिति निर्मित न हो। बैठक में परिवहन विभाग के अफसरों ने स्पष्ट कर दिया कि शहर में स्कूल बसों के स्टॉप के लिए एक निश्चित पॉइंट बनाने के लिए जल्द ही सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। सबसे ज्यादा जाम वाले हिस्से कनाड़िया फ्लायओवर पर स्कूलों में ट्रैफिक वाॅर्डन नियुक्त किए जा सकते हैं।