Loading...

दिनेश त्रिवेदी/ अनीता बिष्ट के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले जांच अधिकारी को हटाया | BHOPAL NEWS

भोपाल। सहकारिता विभाग में सुधाकर पांडे को गौरव सोसाइटी के प्रशासन के पद से हटा दिया है। कहने को तो यह एक प्रशासनिक व्यवस्था है परंतु यह बदलाव तब किया गया जब सुधाकर पांडे ने दिनेश त्रिवेदी के भ्रष्टाचार का खुलासा करती हुई रिपोर्ट सौंपी। सवाल उठना लाजमी है क्या सहकारिता विभाग में माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। क्या भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले अधिकारियों को हतोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है।

दिनेश त्रिवेदी: 4 सोसायटियों का भाग्य विधाता

सहकारिता विभाग के अभियान में राजधानी की चार सोसायटियों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इन सोसायटियों का कर्ता-धर्ता एक ही व्यक्ति है। सहकारिता विभाग को सूचना दिए बिना ही इन सोसायटियों के कार्यालय का पता भी बदल दिया गया। जब इनकी जांच हुई तो इस मामले का खुलासा हुआ। गौरव, महाकाली, गुलाबी और हेमा सोसायटियों का संचालन भी दिनेश त्रिवेदी द्वारा किया जा रहा था। यह भी नियमों का खुला उल्लंघन है। 

नाम अलग लेकिन एड्रेस एक

अधिकारियों ने बताया कि त्रिवेदी महाकाली हाउसिंग सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष हैं। वर्तमान में वे उपाध्यक्ष हैं। इसी के साथ जो पता महाकाली हाउसिंग सोसायटी का दिया गया है वही गुलाबी हाउसिंग सोसायटी और गौरव हाउसिंग सोसायटी का भी दिया गया है। हेमा और गौरव हाउसिंग सोसायटी का एक पता एफ-आर 1 फोर्थ फ्लोर प्लाॅट नंबर 178 चित्रा कॉम्पलेक्स एमपी नगर का दिया हुआ है।

ई 5-13 अरेरा काॅलोनी से तीन सोसायटी का संचालन

गौरव गृह निर्माण का पता एक पता ई 5-13 अरेरा काॅलोनी भी बताया गया है। यहां तीन सोसायटी महाकाली और गुलाबी सोसायटी का संचालन होना भी बताया है।

अनीता बिष्ट भी खेल में शामिल

रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अनीता बिष्ट हेमा हाउसिंग साेसायटी में उपाध्यक्ष और गौरव गृह निर्माण सोसायटी में अध्यक्ष रही हैं। हेमा सोसायटी में विष्णु पटेल संचालन कर रहे हैं और महाकाली सोसायटी में वर्तमान में अध्यक्ष हैं। इसमें अनीता बिष्ट को प्लाट का आवंटन किया गया है। 

दिनेश त्रिवेदी और दीपेंद्र रघुवंशी जांच की जद में

गुलाबी सोसायटी के अध्यक्ष ने दिनेश त्रिवेदी को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए किराए के नाम पर दो लाख रुपए का भुगतान कर दिया। इसमें त्रिवेदी और दीपेंद्र रघुवंशी मिलकर अनुचित लाभ प्राप्त कर रहे थे। इन्हें 1 अप्रैल 2018 से कार्यालय के नाम पर 8 हजार रुपए प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा था। यह लगभग दो लाख रुपए हो चुका है।

दिनेश त्रिवेदी और अनीता बिष्ट पर 16 प्लॉटों की हेरफेर का आरोप

गौरव गृह निर्माण में बिष्ट और त्रिवेदी ने मिलकर सोसायटी के 16 प्लॉटों कारे पांच करोड रुपए में बेचकर अनुचित लाभ प्राप्त किया। इन्होंने वरियता क्रम का उल्लंघन कर ऊंचे दामों पर प्लाट बेच दिए। इन चारों सोसायटियों के दस्तावेजों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ है कि इनका संचालन दिनेश त्रिवेदी कर रहे हैं।

सवालों से बचते डिप्टी कमिश्नर विनोद सिंह 

विनोद सिंह, उपायुक्त, सहकारिता विभाग का कहना है कि मैंने अभी जांच रिपोर्ट नहीं देखी है। कोई भी फेरबदल प्रशासनिक कारणों से हुआ होगा। जांच से उसका कोई वास्ता नहीं है। 

डिटेल रिपोर्ट दी, मुझे क्यों हटाया, पता नहीं: जांच अधिकारी

सुधाकर पांडेय, जांच अधिकारी, सहकारी संस्थाएं का कहना है कि एक ही पते पर सोसायटी संचालन हो रहा है। इनके पीछे दिनेश त्रिवेदी का होना पाया गया है। डिटेल रिपोर्ट दी थी। मुझे क्यों हटाया गया है, यह मुझे नहीं पता। जो काम मुझे साैंपा गया मैंने ईमानदारी से उसे पूरा किया।