ये रहा पटवारी भर्ती घोटाला और रिक्त पदों की संख्या: कमिश्नर सर, बताइए ये क्या चल रहा है | KHULA KHAT
       
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ये रहा पटवारी भर्ती घोटाला और रिक्त पदों की संख्या: कमिश्नर सर, बताइए ये क्या चल रहा है | KHULA KHAT

कुलदीप रघुवंशी। हमने एक आरटीआई लगाई थी राजस्व विभाग का जो कार्यालय ग्वालियर में है उसमें। जिसमें कि यह जानकारी मांगी गई थी की पटवारियों की जो विभागीय परीक्षा हुई थी उनकी ट्रेनिंग के बाद  उसमें  कितने लोगों के एडमिट कार्ड जारी किए गए विभाग के द्वारा इसका हमें राजस्व विभाग ने यह जवाब भेजा था कि अभी रिजल्ट नहीं आया है इसलिए हम यह जानकारी नहीं दे सकते। 

हमने इसके विरोध में प्रथम अपील अधिकारी के पास अपील की थी जिसकी आज सुनवाई थी। उसमें हमें प्रथम अपील अधिकारी द्वारा निम्न जानकारी दी गई:
@ 8121 टोटल एडमिट कार्ड जारी किए गए इस परीक्षा के लिए
@ 143 इनमें बैगा सहरिया भर्ती 2018 वालों के थे
@ त्यागपत्र इसमें शामिल नहीं है 

राजस्व विभाग में पटवारियों के लिए 1250 पद रिक्त है

इस प्रकार विभाग के पास 7984 पटवारी कार्यरत हैं। इससे यह बात निकल कर सामने आती है कि विभाग के पास लगभग 1250 (9235-7984) पद रिक्त हैं परंतु इन पदों पर काउंसलिंग नहीं की गई है। राजस्व विभाग के द्वारा अब यह पद विभाग ने किस को बेच दिए किस को फर्जी तरीके से इन पर भर लिया क्या किया है। इन पर पूरा भ्रष्टाचार कर दिया है। 

राजस्व विभाग ने अपनी वेबसाइट पर एक लिस्ट डाली है जिस लिस्ट में बताया गया है कि इंदौर और ग्वालियर में जो ट्रेनिंग सेंटर हैं राजस्व विभाग के उन पर कितने लोगों को किन किन जिलों से भेजा गया है। दूसरी से लेकर पांचवी कॉउंसलिंग तक इस लिस्ट से निम्न जानकारी निकल कर सामने आती है। 

वर्तमान प्रशिक्षण की सूची में कुल 161 लोगों के नाम हैं

जिसमें से 88 लोग प्योर वेटिंग वाले हैं।
25 लोग अनुकम्पा नियुक्ति वाले हैं।
21 लोग होल्ड वाले हैं जो पहले बैच की ट्रेनिंग में किसी कारण वश नही गए।
27 लोग वो हैं जो अनुपस्थित रहे यानी जो पहली काउंसिलिंग में नही आये लेकिन दूसरी में आ गए।
88+25+21+27=161

अनुपस्थित 27 उम्मीदवारों को दूसरी बार क्यों बुलाया, ये तो भ्रष्टाचार है

इस प्रकार हम देखें तो टोटल 161 लोग हो रहे हैं लिस्ट में 27 लोग ऐसे हैं जो प्रथम काउंसलिंग में अनुपस्थित रहे थे और उन्हें दूसरी काउंसलिंग में बुला लिया गया। जबकि रूलबुक में यह साफ-साफ लिखा हुआ है कि अगर कोई व्यक्ति प्रथम काउंसलिंग में अनुपस्थित रहता है तो उसकी दावेदारी निरस्त कर दी जाएगी अर्थात वह पटवारी के पद के लिए दावेदार नहीं रहेगा और ना ही आगे वह इसके लिए पात्र होगा फिर भी राजस्व विभाग ने इस नियम को ताक पर रखकर उन लोगों को भी कॉल लेटर भेज दिए जो प्रथम काउंसलिंग में अनुपस्थित रहे थे। 

आयुक्त ज्ञानेश्वर पाटिल जी से जवाब चाहिए

इस प्रकार अगर देखा जाए तो 88 लोगों को उन्होंने वेटिंग में से लिया है और 21 लोग होल्ड वाले हैं दोनों को मिलाकर 109 लोग टोटल हो रहे हैं जो कि इस भर्ती प्रक्रिया के नियमों अनुसार हैं। तो अगर हम देखें तो विभाग के पास अब भी लगभग 1125 पद रिक्त बचते हैं। फिर विभाग इन पदों को क्यों दबा रहा है या विभाग के द्वारा इन पदों को बेच दिया गया है हमें इनका जवाब आयुक्त ज्ञानेश्वर पाटिल जी से चाहिए क्योंकि जब हम उनसे मिलने गए थे तो उन्होंने बताया था कि मेरे पास सिर्फ 350 पद रिक्त बचे हैं। बाकी सब पदों को भर लिया गया है। 

कमिश्नर सर, बताइए ये क्या चल रहा है

तो हम पूछना चाहते हैं कि कौन से लोगों को बाकी जगह पर उन्होंने भर लिया है? राजस्व विभाग रूल बुक के सारे नियमों को और राज्य पत्र के सारे नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से ही नियम बनाकर काउंसलिंग करे जा रहा है रहा है। अनुकंपा वालों को भी इन्हीं पदों में गिना जा रहा है। प्रथम काउंसलिंग में जो लोग नहीं आए उनको भी बुलाया जा रहा है। इस तरह से सारे नियमों को तोड़ा जा रहा है और अपग्रेड का सिलसिला चलता ही जा रहा है और विभाग द्वारा एक व्यक्ति को 6 से जगह से कॉल लेटर भेजने का काम चल रहा है। वह आठवीं काउंसलिंग में भी जारी है। 

1200 पद किसे बेच दिए

अब जबकि लिखित रूप में मैं यह जवाब आ गया है कि विभाग के पास लगभग 1250 पद खाली थे प्रथम काउंसलिंग के बाद फिर विभाग ने 1200 पदों पर दूसरी काउंसिलिंग आयोजित क्यों नहीं किया। हम यह सवाल आयुक्त ज्ञानेश्वर पाटिल जी से पूछना चाहते हैं उन्होंने ने इन पदों का क्या किया? किसे बेच दिया गया है इन पदों को ? कागज  पर विभाग हार चुका है और उसका भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। 

विभाग के पास अब भी 1150 पद रिक्त बचे हैं

इस काउंसलिंग में भी मनोज रघुवंशी नाम के लड़के को पांच जगह से कॉल लेटर आ चुके हैं इसी तरह से हमारे संज्ञान में 5 लोग और आए हैं जिन्हें की पांच-पांच जगह से कॉल लेटर आ चुके हैं। इससे साफ पता चल रहा है कि विभाग की नियत सही नहीं है और वह वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यार्थियों का भविष्य बर्बाद करने पर तुला हुआ है। काउंसलिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा करके और काउंसलिंग के समय को अपग्रेड में ही नष्ट करके इस प्रक्रिया को विभाग खत्म कर देना चाहता है। 10 फरवरी लास्ट डेट है वेटिंग लिस्ट की और विभाग के पास अभी भी 1125 पद रिक्त बचे हैं। 
श्री कुलदीप रघुवंशी गुना के रहने वाले हैं एवं पटवारी भर्ती की वेटिंग लिस्ट में है।