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मध्यप्रदेश में इंजीनियर ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बंदूक उठाई | MP NEWS

भोपाल। शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई में देरी और भ्रष्टाचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण से नाराज मध्य प्रदेश के एक इंजीनियर ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बंदूक उठा ली है। इससे पहले कुछ ठेकेदारों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। बदले में इंजीनियर में उन्हें चुनौती दी और खुद खुले मैदान में आ गए। उनका कहना है कि निर्माण कार्य नियम अनुसार ही होगा। मामला मध्य प्रदेश के दमोह जिले का है वे रविवार सुबह नौ बजे अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर स्थानीय तहसील ग्राउंड पहुंचे और दोपहर करीब 12 बजे तक मैदान के मंच पर घूमते रहे। 

धमकी देने वालों को चुनौती दी थी, बंदूक लेकर इंतजार करते रहे

सब इंजीनियर अभिषेक चक्रवर्ती ने बताया कि उसके विभाग (निर्माण शाखा सीएमएचओ कार्यालय) के निर्माण कार्य करने वाले कुछ लोग अपनी मर्जी से काम करना चाहते हैं, लेकिन वह शासन के नियमों का पालन कराने के लिए कहते हैं। ये तरीका ठेकेदार व उनके साथियों को पसंद नहीं और इसलिए वह उन्हें बार-बार धमकी देते हैं। कुछ दिन पहले भी कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी थी, इसलिए उन्होंने तय किया कि विरोधियों को वह एक मौका देंगे। इसलिए उन्होंने पहले ही सूचना जारी की थी कि जो भी उनसे बैर रखता है और जो कुछ करना चाहता है, वह मैदान में आकर अपनी क्षमता का परिचय दे सकता है।

यह धर्म युद्ध है, मुझे लगा सीधे आकर मामले का निपटारा कर ले

सब इंजीनियर चतुर्वेदी से जब पूछा गया कि वह बंदूक लेकर क्यों आए हैं तो उनका कहना था कि वह उनके धर्म की विद्या है। भगवान राम ने भी धर्म युद्ध के लिए हथियार उठाया था और यह भी धर्म युद्ध ही है। उन्होंने किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए ये बंदूक नहीं उठाई है, लेकिन जो लोग उन्हें धमका रहे हैं, यदि वो यहां आते हैं और उनपर हमला करते हैं तो वह परिस्थति के हिसाब से गोली चलाने से नहीं चूकेंगे। जब उनसे पूछा कि यहां पर बंदूक लेकर घूमने के लिए क्या उन्होंने पुलिस से अनुमति ली या पुलिस में शिकायत की तो उनका कहना था कि कथित लोगों ने उनका अपमान किया है, इसलिए उन्हें यही ठीक लगा कि वह सीधे तौर पर मामले का निपटारा कर लें।

एसपी ने कहा इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे

उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले विज्ञप्ति जारी करते हुए साफ किया था कि वह तीन घंटे रविवार को तहसील मैदान में रहेंगे। इन दिनों में किसी ने कोई आपत्ति नहीं ली, इसलिए उन्होंने ये मान लिया कि उन्हें पुलिस की अनुमति है। उधर, एसपी विवेक सिंह ने कहा कि ऐसा करने का किसी को अधिकार नहीं है। उन्हें कोई शिकायत थी तो वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों से कहते या पुलिस में शिकायत करते। बंदूक लेकर घूमना गलत है। मामले में कार्रवाई करेंगे।