ट्विटर नहीं लेटर चाहिए: कमलनाथ पर किसी को भरोसा नहीं, ना प्राध्यापक, ना अतिथि विद्वान | MP NEWS
       
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ट्विटर नहीं लेटर चाहिए: कमलनाथ पर किसी को भरोसा नहीं, ना प्राध्यापक, ना अतिथि विद्वान | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में भूख हड़ताल पर बैठे सहायक प्राध्यापकों का आज तीसरा दिन है। मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि सभी को नियुक्तियां दी जाएंगी परंतु फिर भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी हड़ताल खत्म नहीं की। आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें ट्विटर नहीं जॉइनिंग लेटर चाहिए। 

आज का दिन खास क्योंकि जीतू पटवारी भोपाल में @ सहायक प्राध्यापक आंदोलन

सहायक अध्यापकों के आंदोलन में आज का दिन खास है क्योंकि उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी आज भोपाल में। श्री जीतू पटवारी आज सुबह-सुबह बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी में वॉल क्लाइंबिंग करते हुए नजर आए। मध्य प्रदेश के खेल मंत्री श्री जीतू पटवारी ' फिट इंडिया' कैंपियन को प्रमोट कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह जब भी भोपाल जाएंगे सबसे पहले सहायक प्राध्यापकों से मिलने जाएंगे। 

मात्र 1 साल में कमलनाथ ने विश्वास खो दिया @ मध्य प्रदेश में रोजगार

6 माह में वचन पत्र के सभी वचन पूरे करने का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस अब घोषणा पत्र को 5 साल के लिए बताने लगी है। नए स्टेटमेंट से सरकार को कुछ मामलों में राहत तो मिली लेकिन नया तनाव भी शुरू हो गया। लोग अब नई सरकार पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ के आश्वासन पर भी लोग विश्वास नहीं कर रहे हैं। सहायक प्राध्यापकों ने उनके आश्वासन को सिरे से खारिज कर दिया। अतिथि विद्वानों का भी यही कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं आदेश चाहिए। बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश में एक भी अध्यापक को सेवा से नहीं हटाया जाएगा।