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अगले साल से भारत में 'एक देश एक राशन कार्ड' योजना लागू होगी | EK DESH EK RATION CARD

नई दिल्ली। भारत सरकार में उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री रामविलास पासवान का बयान आया है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने बताया कि अगले साल 2020 में भारत में एक देश एक राशन कार्ड योजना लागू हो जाएगी। 

एक देश एक राशन कार्ड योजना का क्या फायदा होगा

उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री राम विलास पासवान आज 3 दिसंबर 2019 को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राशन कार्ड के लिए 14 राज्यों में पीओएस मशीन की सुविधा शुरू चुकी है। जल्द ही अन्य राज्यों में यह इसे शुरू कर दिया जाएगा। अभी तक जिस वॉर्ड या पंचायत से राशन कार्ड बना है, उसी इलाके के सरकारी राशन की दुकान से सामान खरीदा जा सकता है। इस योजना से आम लोगों को फायदा मिलेगा। इसके बाद लोग अब किसी खास पीडीएस दुकान से बंधे नहीं रहेंगे और वे कहीं भी राशन ले पाएंगे। दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी। 

भारत की सभी उचित मूल्य की दुकानों पर पीओएस मशीन लगेगी

पासवान के अनुसार, इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जो नौकरी के बेहतर अवसरों के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति बिहार-उत्तर प्रदेश से दिल्ली में नौकरी करने आए हैं तो उन्हें वहीं आसानी से पीडीएस दुकान पर राशन मिलेगा। मौजूदा समय में आंध्र प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों में 100 फीसदी दुकानों पर पीओएस मशीनें उपलब्ध हो गई हैं। एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड को लागू करने के लिए सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस लगाना होगा।

इंटीग्रेटिड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस भारत के कितने राज्यों में लागू है

इंटीग्रेटिड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस (आईएमपीडीएस) के तहत कई राज्यों में खाद्य और सार्वजनिक वितरण के तहत लाभार्थी किसी भी जिले से राशन खरीद सकते हैं। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा शामिल हैं। राशन कार्ड को आधार नंबर से जोड़ने पर चोरी और धांधली में कमी आएगी।