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DOMINO'S PIZZA: कंजूमर फोरम ने 10 लाख का जुर्माना ठोका

चंडीगढ़। डोमिनोज पिज्जा बेचने वाली कंपनी जुबिलैंट वर्क्स लिमिटेड ने उपभोक्ता फोरम के फैसले को स्टेट कमीशन में चुनौती दे दी, लेकिन यह दांव उसे उल्टा पड़ गया। स्टेट कमीशन ने न केवल उपभोक्ता फोरम के आदेशों को सही ठहराया बल्कि 2 अलग-अलग मामलों में कंपनी पर लगभग 10 लाख का जुर्माना ठोक दिया। स्टेट कमीशन ने कंपनी को कैरीबैग के लिए पैसे लेने पर भी कड़ी फटकार लगाई। कमीशन ने कंपनी को निर्देश दिया कि लोगों की मजबूरी का नाजायज फायदा न उठाया जाए। कंपनी ने कमीशन के समक्ष सफाई दी कि वह पहले से ही पिज्जा को बाक्स में पैक कर देते हैं। कैरीबैग देने का तो मतलब नहीं बनता। कमीशन ने उनकी दलील को नहीं माना। 

कैरीबैग के लिए 14 रुपए चार्ज किया था, ₹10000 हर्जाना लगा

सैक्टर-28 सी निवासी वकील पंकज चांदगोठिया ने उपभोक्ता फोरम में सैक्टर-8सी स्थित डोमिनोज, जुबिलैंट फूड वक्र्स लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने कहा कि दो पिज्जा लेने के लिए उन्होंने अपने ड्राइवर को स्टोर में भेजा। दो रैगुलर पिज्जा के लिए 306 रुपए मांगे गए। पंकज चांदगोठिया ने जब बिल देखा तो वह हैरान रह गए कि कैरीबैग के लिए 14 रुपए चार्ज किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टोर में कहीं भी इसका जिक्र नहीं था। एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने जून 2019 को डिस्ट्रिक कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत की थी। एडवोकेट चांदगोठिया की शिकायत पर फोरम ने 14 रुपए लौटाने व मानसिक पीड़ा व उत्पीडऩ के लिए 100 रुपए का मुआवजा और 500 रुपए मुकदमा खर्च देने के निर्देश दिए। साथ ही कंपनी को राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ के सैक्रेटरी के नाम पर कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में 10 हजार रुपए भी जमा करवाने के निर्देश दिए।

दूसरे मामले में कंपनी ने देने थे 5 लाख रुपए

दूसरा मामला भी डोमिनोज पिज्जा का ही था, जिसकी शिकायत जतिंद्र बंसल ने की थी। इसमें जिला उपभोक्ता फोरम-2 ने डोमिनोज पिज्जा को 5 लाख जुर्माना लगाते हुए याचिकाकर्ता को 1500 रुपए लिटिगेशन चार्ज के रूप में देने का फैसला सुनाया था। डोमिनोज पिज्जा की ओर से जतिंद्र बंसल वाले फैसले को स्टेट कंज्यूमर कमीशन में चुनौती दी गई थी कि जिला उपभोक्ता फोरम ने फैसला सही नहीं किया। एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने जतिंद्र बंसल की शिकायत पर आए आदेशों का हवाला देते हुए स्टेट कमीशन में अपील दाखिल कर डोमिनोज पिज्जा को उनके मामले में कम सजा की बात कहकर जतिंद्र बंसल वाले मामले के आए फैसले के बराबर सजा की मांग की। जिस पर स्टेट कमीशन ने डोमिनो पिज़ा की अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने दोनों मामले में एक जैसा जुर्माना सुनाया, जिसके बाद अब डोमिनोज पिज्जा को 9 लाख 80 हजार पी.जी.आई. के पुअर पेशैंट वैल्फेयर फंड और 20 हजार कमीशन के खाते में जमा करने होंगे।