सांची दूध: मिलावट माफिया के रैकेट को बचाने 45 संविदा कर्मचारी हटाए, मंत्री ने सदन में झूठ बोला | BHOPAL NEWS
       
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सांची दूध: मिलावट माफिया के रैकेट को बचाने 45 संविदा कर्मचारी हटाए, मंत्री ने सदन में झूठ बोला | BHOPAL NEWS

भोपाल। पूरी तरह से मिलावट माफिया के कब्जे में चल रहा भोपाल दुग्ध संघ (सांची दूध) खुलासा होने के बाद भी माफिया से मुक्त नहीं कराया गया बल्कि मिलावट माफिया के पूरे राकेट को बचाने के लिए 45 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई, ताकि दुनिया को यह बताया जा सके कि बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस कार्रवाई में यूरिया जप्त हो जाने के बावजूद पशुपालन मंत्री ने विधानसभा में गलत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टैंकर में यूरिया की मिलावट नहीं बल्कि दूध की चोरी पकड़ी गई थी। ग्राहकों की जान से खिलवाड़ करने वाले इस कारोबार के उजागर हो जाने के बावजूद किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। सिर्फ 2 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। याद दिला दें कि निलंबन सजा नहीं होती, व्यवस्था होती है।

मिलावट माफिया को संरक्षण देने विधानसभा में मंत्री ने झूठी जानकारी दी

पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में कहा कि 14 दिसंबर को दूध में यूरिया मिलाने की सूचना मिली थी, लेकिन वहां इसका कोई प्रूफ नहीं मिला है। टैंकर क्रमांक एमपी-13 एच-2178 को दूध चोरी करते हुए पकड़ा गया था। बता दें कि पकड़े गए टैंकर के साथ यूरिया भी मिला था। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है मामला दूध चोरी का नहीं बल्कि असली दूध निकालकर नकली दूध मिलाने का है। मध्यप्रदेश शासन खाद्य एवं औषधि प्रशासन की स्टेट फूड लेबोरेटरी में इसी टैंकर से लिए गए दूध के नमूने में यूरिया की मिलावट की पुष्टि की गई है। तब क्यों ना यह आरोप लगाया जाए कि पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने भोपाल दुग्ध संघ में जमा चुके मिलावट माफिया को बचाने के लिए विधानसभा में झूठी जानकारी दी।

लैब अपग्रेड ही नहीं की, फिर कैसा पाश्चुरीकरण 

सांची दूध के कारोबार में मिलावट माफिया की पकड़ देखिए, भोपाल दुग्ध संघ जिसके अध्यक्ष भोपाल कमिश्नर होते हैं, दूध में यूरिया की जांच करने वाली मशीन अपग्रेड नहीं की। सांची के पास जो मशीन है वह दूध में 0.8 प्रतिशत या इससे अधिक यूरिया होने पर ही पकड़ सकती है। जबकि अमूल और मदर डेयरी जैसी संस्थाओं में 0.1 प्रतिशत तक यूरिया पकड़ा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो सांची दूध को ग्राहकों तक पहुंचाने से पहले उसकी शुद्धता की जांच करने वाली मशीन ही नहीं खरीदी गई। मिलावट माफिया बड़े आराम से 0.7 प्रतिशत तक यूरिया की मिलावट करता रहा। घटिया मशीन थी कभी पकड़ी नहीं पाई। 

सांची दूध में यूरिया मिलाने वालों को हो फांसी, अफसरों को जेल भेजें: भाजपा

भाजपा ने सांची दूध में यूरिया मिलाने वालों को फांसी की सजा देने की मांग की है। साथ ही संघ के दोषी अफसरों को जेल भेजने की मांग की है। शुक्रवार को पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने गोविन्दपुरा सीएसपी अनिल कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसके पूर्व सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भोपाल दुग्ध संघ के समक्ष प्रदर्शन किया। उन्होंने ने मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि मिलावटखोेरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।