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अपाक्स ने सपाक्स के विरुद्ध हाइ-कोर्ट में केवियट दाखिल की | MP NEWS

जबलपुर। रामेश्वर सिंह ठाकुर एडवोकट मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शासन द्वारा जारी नई उद्योग नीति एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना 2019 में शासन से अनुदान प्राप्त करने वाले निजी औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय निवासियों को 70% के अनुपात में रोजगार देने तथा SC/ST/OBC को संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने का निर्णय लिया गया। 

इस निर्णय से सामाजिक सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि पिछड़े से 85% एससी/एसटी/ओबीसी समाज को आगे बढ़ने के विशेष अवसर मिलेगें जिससे, यह पिछड़ा समाज मूल धारा में आ सकेगा। 85% आबादी के आगे बढ़ने से प्रदेश व देश का भी विकास होगा। एससी/एसटी/ओबीसी समाज के सभी सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी कार्यकर्ता ,जातीय संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता माननीय मुख्यमंत्री जी को उनके इस साहसिक व न्याय पूर्ण कदम के संदर्भ में हार्दिक आभार व बधाई व आभार प्रेषित की गई हैं।

शासन के इस निर्णय का सवर्ण समाज के कुछ रिटायर्ड अधिकारी विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले ये वही अधिकारी है जिन्होंने अपने सेवा काल में आरक्षण अधिनियम का पालन नहीं होने दिया । उल्लेखनीय है कि आरक्षण अधिनियम में 1999 में यह प्रावधान कर दिया गया था कि शासन से अनुदान प्राप्त करने वाली किसी संस्था या औद्योगिक इकाई में आरक्षण के प्रावधान का पालन करना होगा किंतु, इसका पूरा पालन अभी तक नहीं हो रहा था ! माननीय कमलनाथ जी ने इसी नियम को लागू कराने का बहुप्रतीक्षित व सराहनीय निर्णय लिया है।

भारतीय संविधान में समता स्वतंत्रता वह बंधुता युक्त समाज के निर्माण का संकल्प व्यक्त है मूल अधिकार व नीति निर्देशक तत्वों में भी सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है उदयोग नीति का यह प्रावधान इन्हीं संकल्पों के पालन की दिशा में उठाया गया कदम है उक्त औद्योगिक इकाई नियम 2019 को 01 अक्तूबर 2019 से लागू किया जा चुका है जिसका सपाक्स के अध्क्षक श्री हीरलाल त्रिवेदी (सेवा निवरत IAS) द्वारा भारी विरोध किया जा रहा है एवं उन्होने आंदोलन तक की चेतावनी दे डाली है ! अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के माध्यम से अपाक्स (अनूसूचित, जाति जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक अधिकारी क्रंचरी संघटन) ने दिनांक 4/11/19 को सपाक्स के विरूद्ध केवियट न. 2877-2019 दाखिल की गई है ! शेष संघथनों द्वारा भी अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के माध्यम से केवियटे दाखिल की जा रही है !