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मध्यप्रदेश में सूचना आयुक्त और IAS लॉबी के बीच तनातनी

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्य सूचना आयुक्त की सक्रियता अब नौकरशाहों और सूचना आयुक्तों के बीच टकराव का कारण बन गई है। इंफॉर्मेशन कमिश्नर राहुल सिंह जब से पदस्थ हुए हैं, तब से लगातार सक्रिय बने हुए हैं। और ना केवल अपनी कोर्ट में बैठकर अपीलों की सुनवाई करते हैं, बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी मामलों का निराकरण करते हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले सूचना आयुक्त राहुल सिंह जिलों का दौरा भी कर रहे हैं। एक के बाद एक उनके कई कड़े फैसलों के कारण आईएएस लॉबी सूचना आयुक्तों को दायरों में बांधने की कोशिश कर रही है। रीवा कलेक्टर की मांग पर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके सिंह ने सूचना आयुक्तों के जिलों के दौरों पर रोक लगा दी है।

पत्रकार श्री विकास तिवारी की एक रिपोर्ट के अनुसार रीवा कलेक्टर ऑफिस श्रीवास्तव में सूचना आयुक्त और राहुल सिंह को दायरों में कसने के लिए चक्रव्यूह की रचना की। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर बताया कि राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने सीधे एक पत्र के जरिए निर्देश दिए कि वे रीवा दौरे पर आ रहे है। यहां उनके दौरे के दौरान वे कलेक्टर, कमिश्नर, आईजी की बैठक लेंगे और सूचना के अधिकार अधिनियम के लंबित मामलों की समीक्षा करेंगे। रीवा कलेक्टर ने सामान्य प्रशासन विभाग से पूछा कि क्यासूचना आयुक्तों के इस तरह से जिलों में दौरे करना और अफसरों को बुलाकर समीक्षा करना उचित है। 

अपर मुख्य सचिव केके सिंह सूचना आयुक्त के दौरे को अवैध बताया

सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके सिंह ने ना केवल रीवा कलेक्टर को मार्गदर्शन दिया बल्कि मुख्य सूचना आयुक्त एके शुक्ला को भी इसकी प्रति कार्यवाही के लिए भेजी। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से कहा गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम में इस तरह सूचना आयुक्त को जिलों में जाकर बैठक करने और रिव्यू करने का अधिकार नहीं है। वे अपने कोर्ट में आई सूचना के अधिकार अधिनियम की अपीलों की सुनवाई कर उस पर निर्णय ले सकते है।

मुख्य सूचना आयुक्त ने कार्रवाई नहीं की, सूचना भेज दी

सामान्य प्रशासन विभाग के इस मार्गदर्शन और मुख्य सूचना आयुक्त को भेजे गए पत्र पर मुख्य सूचना आयुक्त एके शुक्ला ने अपने सूचना आयुक्तों को कोई निर्देश या आदेश जारी नहीं किए बल्कि उन्होंने सीधे सामान्य प्रशासन विभाग की नोटशीट और पत्र सभी सूचना आयुक्तों को अवलोकनार्थ भेज दिया। इसके साथ ही सभी इंफॉर्मेशन कमिश्नर लामबंद हो गए हैं।

सूचना आयुक्त को जिलों में जाकर हियरिंग करने का प्रावधान: राहुल सिंह 

सूचना के अधिकार अधिनियम में सूचना आयुक्त को जिलों में जाकर हियरिंग करने का प्रावधान है। इस पर कोई रोक नहीं लगा सकता। जीएडी के तत्कालीन उपसचिव सुधीर कोचर पर आयोग ने पैनाल्टी लगाई थी। ऐसे कई अफसरों पर कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जाकर हम किसी पानी की समस्या की समीक्षा नहीं करते हम तो इस अधिनियम के प्रति जागरुकता बढ़ाने का काम करते है।