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भारत के 16 राज्यों में 190 ठिकानों पर CBI छापामारी की रिपोर्ट, कितनी कंपनियां जांच की जद में, पढ़िए

नई दिल्ली। मंगलवार को सीबीआई ने भारत के 16 राज्यों जिनमें केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल है कि 190 से अधिक ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। सीबीआई की इस साल हुई है देश की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। यह खबर देश भर की मीडिया में ब्रेकिंग न्यूज़ बनी रही। देर रात तक लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि कुल कहां और कितनी कार्रवाई की गई है। बुधवार सुबह स्थिति स्पष्ट हुई। सीबीआई ने बताया कि इस कार्यवाही में उसके करीब 1000 से अधिक अधिकारी शामिल थे। सीबीआई ने कुल 42 प्रकरण दर्ज किए हैं और 15 बैंकों से धोखाधड़ी का मामला है। कुल 7200 करोड रुपए की धोखाधड़ी की गई है।

किस राज्य में कितने ठिकानों पर छापामारी हुई

CBI अफसराें के मुताबिक, सबसे अधिक छापेमारी महाराष्ट्र में 58 जगहाें पर की गई। इसके बाद पंजाब में 32 जगह, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12, तमिलनाडु-मध्यप्रदेश में 17-17, उत्तर प्रदेश में 15, आंध्र प्रदेश में 5, केरल, तेलंगाना और दादर-नागर हवेली में 4-4, गुजरात और हरियाणा में 5-5, कर्नाटक में छह, चंडीगढ़, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 2-2 स्थानाें पर कार्रवाई की गई।

कौन-कौन सी कंपनियां सीबीआई जांच की जद में

एनर्गाे इंजीनियरिंग प्राेजेक्ट लि. और उसके डायरेक्टर्स चेयरमैन सुजित दास, दिनेश वी सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर जया सिंह ने फर्जी दस्तावेज लगाकर 1290 कराेड़ रुपए की क्रेडिट फैसिलिटी ली। बाद में बैंक काे 1266 कराेड़ का भुगतान करने में असफल रहे। चेन्नई की सुराणा इंडस्ट्रीज और उसके डायरेक्टर दिनेश चंद्र सुराणा, शांतिलाल सुराणा, गाैतम लाल सुराणा, विजय राज सुराणा और अन्य ने आईडीबीआई की अगुवाई वाले 12 बैंकाें के कंसाेर्टियम काे 1083 कराेड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। 

वाराणसी की जेबीएल एग्राे इंडस्ट्रीज, उसके चेयरमैन डीएन झुनझुनवाला और डायरेक्टर एसएन झुनझुनवाला, आदर्श-अंजू झुनझुनवाला ने फर्जी स्टाॅक स्टेटमेंट और बैलेंस शीट दिखाकर बैंक ऑफ बड़ौदा व पंजाब नेशनल बैंक से 518-518 कराेड़ की क्रेडिट फैसिलिटी ली।

मल्टीप्लेक्स किंग नाम से मशहूर है श्रीकांत भासी एडवांटेज ओवरसीज के प्रमाेटर व डायरेक्टर श्रीकांत भासी, दिनेश अरकाेट सेलवाराज, मनीष कुमार सिंह, गगन शर्मा और जिजाे जाॅन ने भोपाल में शाहपुरा की भारतीय स्टेट बैंक ब्रांच में फर्जी दस्तावेज दिखाकर 6,000 कराेड़ की क्रेडिट फैसिलिटी ली। यह कंपनी एग्राे कमाेडिटीज की बल्क ट्रेडिंग करती है। कंपनी बैंक काे पैमेंट करने में असफल रही, इससे बैंक काे 1266 कराेड़ रुपए का घाटा हुआ। भासी को मल्टीप्लेक्स किंग भी कहा जाता है। वह अनिल अंबानी के बिग सिनेमा सहित कई बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन का अधिग्रहण कर चर्चा में आया और 2018 में उसकी कंपनी के 150 शहरों में 450 स्क्रीन हो चुके थे। भासी ने भोपाल में ही पढ़ाई की। उसके पिताजी भेल भोपाल में नौकरी करते थे। 

मुरैना में वेयर हाउस संचालकों ने फर्जी स्टॉक बताकर यूको बैंक से लिए 186 कराेड़ के लोन
यूकाे बैंक के अफसरों को उपकृत कर 186 करोड़ 81 लाख रुपए के फ्रॉड लोन कराने व एनपीए खातों में पैसा जमा न हाेने के मामले में सीबीआई ने 10 वेयर हाउस और पांच आवासीय ठिकानाें पर छापा मारा। छानबीन के दाैरान मुरैना में एक गाेदाम से CBI टीम ने देवीराम कोल्ड स्टोर से 64 लाख रुपए नकद और एक लाख रुपए के पुराने 500-1000 के नोट जब्त किए हैंं। 

मुरैना विधायक कंसाना के भतीजे पर 186 करोड़ के गबन का आरोप

मुरैना की जिन पांच फर्मों पर सीबीआई ने छानबीन की है, उनमें 10 से ज्यादा भागीदाराें के नाम हैं। कुछ लाेग दाे-दाे फर्माें में भागीदार हैं। इनमें एक नाम मुरैना से विधायक रघुराज कंसाना के भतीजे कुशल सिंह कंसाना पुत्र संजीव सिंह कंसाना की फर्म का भी है। इन लाेगाें ने यूको बैंक से 186.81 करोड़ रुपए का लोन मंजूर कराया और आज तक लोन का पैसा बैंक को वापस नहीं किया। फरवरी 2018 में उक्त कारोबारियों के अकाउंट एनपीए घोषित होने के बाद यूको बैंक प्रबंधन से फ्रॉड लोन का मामला सितंबर 2018 में जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया था। इनमें से कुछ फर्म खुद के प्रतिष्ठान के रूप में पंजीकृत दर्शाई गईं और कई फर्म पार्टनरशिप में बनाकर उन पर लोन लिया गया।