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OMG! गूगल सर्च इंजन की फ्रेंचाइजी के नाम पर 89 लाख की ठगी | INDORE NEWS

इंदौर। भला किसी भी सर्च इंजन की कभी कोई फ्रेंचाइजी हो सकती है। लेकिन यहां गूगल सर्च इंजन (Search engine) की फ्रेंचाइजी (Franchise) के नाम पर ठगी का कारोबार हुआ है। थोड़ा-बहुत नहीं 89 लाख रुपए की ठगी (Cheating of rupees) की गई है। गूगल की तर्ज पर सर्च इंजिन (Search engine) बनाकर उसकी फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर 89 लाख की धोखाधड़ी (Fraud) करने वाले सात आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। दो आरोपित फिलहाल लाखों की धोखाधड़ी के आरोप में देवास जेल में बंद हैं। 

पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह देशभर में करीब 500 करोड़ की धोखाधड़ी कर चुका है। तेजाजी नगर थाना पुलिस के मुताबिक, जॉय बिल्डर्स (साकेत नगर) निवासी देवेंद्र पिता लालचंद चंदानी की शिकायत पर आरोपित शैलेंद्र उपाध्याय Shailendra Upadhyay), सचिन सिसोदिया (Sachin Sisodia), रीना सिसोदिया (Reena Sisodia), अभिनव मिश्रा (Abhinav Mishra), नवीन खंडेलवाल (Naveen Khandelwal), विमल सरकार (Vimal Sarkar) और स्वामीजी (Swamiji) के खिलाफ केस दर्ज किया है। देवेंद्र के मुताबिक, उनका बैंक द्वारा सीज की गई गाड़ियां खरीदने-बेचने का कारोबार है। आरोपितों ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वे गूगल की तर्ज पर एक सर्च इंजिन बना रहे हैं। आरोपितों ने देवेंद्र व उनकी पत्नी हिना, बेटे मोहनिश सहित साबिर हुसैन, राकेश जाट को छह जगह फ्रेंचाइजी देने का झांसा दिया और 89 लाख रुपए ले लिए।

फरियादी देवेंद्र के मुताबिक, आरोपितों ने मेघा माइंड ट्रेकर कंसल्टेंसी सॉफ्टिक प्रा.लि.(Megha Mind Trekker Consultancy Softik Pvt. Ltd.) (MMTCS)  कंपनी बनाई और यह भी कहा कि उनके द्वारा फेसबुक जैसी लुकचुप एप्लीकेशन बनाई जाएगी। इस पर ब्लॉग लिखने, डाउनलोड करने, लिंक शेयर करने पर सर्च करने पर लाखों रुपए महीना कमाई होगी। आरोपितों ने अनुबंध किया और रुपए ले लिए। पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र और सचिन को पिछले दिनों देवास की कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल जेल में हैं। उनके खिलाफ प्रदीप ठाकुर, कांग्रेस नेता विश्वजीतसिंह चौहान, कैलाश नाथ, सुनील ठाकुर, रितेश देशमुख, नागेंद्रसिंह राजपूत, संजय देवल सहित कई लोगों ने करोड़ों रुपए ठगने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।