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पुलिस कर्मचारियों का मुख्यमंत्री के नाम खुला खत | Khula Khat @ CM Kamal Nath

माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी एवं गृह मंत्री महोदय जी, हम सभी पुलिसकर्मी आप सभी नेता मंत्रियों की अनदेखी का शिकार हो रहे है और स्वयं को पीड़ित महशूस कर रहे है मुख्यमंत्री महोदय जी कांग्रेस ने पिछले चुनाव में पुलिसकर्मियों के लिए अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरे नही हुए है। साप्ताहिक अवकाश कहीं मिल रहा है कहीं पर नही।

हम पुलिसकर्मियों को अंग्रेजो द्वारा बनाए गए 157 वर्ष पुराने *पुलिस अधिनियम 1861* के सहारे  अनुसाशन के नाम पर उच्च अधिकारियों द्वारा शोषण किया जा रहा है और हम पुलिसकर्मी किसी भी तरह का संगठन नही बना सकते और धरना आदि नही दे सकते इस बात का फायदा सरकार उठा रही है। हम पुलिसकर्मी तृतीय वर्ग में आते है और ड्यूटी समय भी 24×7 ×365 है हम घर परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करते है तब भी  हमारा ग्रेड पे 1900 ही है।

वहीं पर तृतीय वर्ग में काम करने वाले हमारे पटवारी भाई जो 8 घंटे की ड्यूटी घर परिवार के साथ रहकर और रविवार व अतिरिक्त मिलने वाले अन्य सभी अवकाश मिलने के बाद भी उनका ग्रेड पे 2400 कर दिया गया है और जल्दी ही 2800 करने की घोषणा की गई है महोदय जी ऐसी अनदेखी इसलिए क्योंकि वे घरना प्रदर्शन कर सकते है उनका संगठन है। 

महोदय जी हमारी समस्याओं को जल्दी से जल्दी सुना जाए और उनका निराकरण किया जाए 
मध्यप्रदेश में पुलिस कर्मियो का वेतन अन्य राज्यो के मुकाबले बहुत कम है जिससे परिवार का सही तरीके से भरण पोषण किया जाना आज के समय मे संभव नही है और मध्यप्रदेश में मिलने वाले भत्ते जैसे साईकल भत्ता 18 रुपये  पोष्टिक आहार भत्ता 100 रुपये वर्दी भत्ता 60 रुपये आवास भत्ता 600 रुपये आदि को पिछले 50 वर्षों से नही बढ़ाया गया है  पुलिस कर्मी कम वेतन और अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते है लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नही दे रही है

हम सभी पुलिसकर्मियों की मांग इस प्रकार है
1   आरक्षक का ग्रेड पे 2800 किया जाए  
2   आवास भत्ता 5000 रुपये किया जाए  चुनावी घोषणापत्र मुताबिक 
3   गृह जिले में पदस्थापना की जाए जिससे पुलिसकर्मी  अपने घर परिवार को समय दे सके 
4   अन्य राज्यों की तरह 8 घंटे की ड्यूटी की जाए जिससे पुलिसकर्मी तनाव मुक्त रहे और ओवरटाइम का अलग से भुगतान किया जाए
5  विशेष सशस्त्र बल की कंपनियों को स्थायी किया जाए 
5    पुलिसअधिनियम 1861 को समाप्त किया जाए   
6   साईकल भत्ते की जगह  मोटरसायकिल भत्ता 3000 रुपये दिया जाए 
7   अन्य भत्ते जो पिछले 50 वर्षों से नही बढ़ाये गए है उनको बढ़ाया जाए 
8   विशेष सशस्त्र बल से जिला बल में संविलियन चालू किया जाए 
8 अन्य राज्यो की तरह मध्यप्रदेश पुलिस संगठन बनाया जाए 
9   पुलिस विभाग में आवास गृह की समस्याओं को हल किया जाए
इन्ही मांगों को लेकर पुलिस परिवारजन दिनांक 15 अक्टूबर को लाल परेड ग्राउंड भोपाल में धरना देने जा रही है      
मध्यप्रदेशपुलिससुधार