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SDRF के संविदा कर्मचारियों को डीजी ने मौखिक आदेश देकर नौकरी से निकाल दिया

भोपाल। रविवार और सोमवार को अवकाश के पश्चात जब राज्य आपात कालीन आपदा मोचन के संविदा जब अपने खटलापुरा मंदिर स्थित एसडीआरएफ कार्यालय रोज की तरह कार्य करने पहुंचे तो वहां उपस्थित अधिकारी ने मौखिक कहा कि ऊपर से आदेश है कि आपसे हस्ताक्षर नहीं करवाया जाए और आपकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। 

एसडीआरएफ के संविदा कर्मचारियों ने कहा कि लिखित में आदेश दीजिये तो अधिकारी ने कहा कि डीजी अशोक दोहरे से मिल लिजिए, जब संविदा कर्मचारी आपदा मोचनबल के महानिदेशक अशोक दोहरे से मिलने पहुंचे कहा कि हमे कार्यालय में कार्य करने नहीं दिया जा रहा है ना ही उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने दिया जा रहा है तो डीजी अशोक दोहरे ने कहा कि हां आपकी सेवाए समाप्त कर दी गई हैं तो कर्मचारियों ने कहा कि हम साढ़े तीन साल से काम कर रहे हैं और अचानक आप कर रहे हो कि हमारी संविदा समाप्त कर दी गई है तो आप लिखित में दे दो तो डीजी ने कहा कि जाओ जो करना है कर लो लिखित में नहीं मिलेगा मौखिक ही मेरा आदेश काफी है। 

म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि आपादा मोचन बल के संविदा कर्मचारी जो कि वर्ष मार्च 2016 में विधिवत् आनलाई की परीक्षा देकर पारदर्शी तरीके से भर्ती हुये थे और निरंतर कार्य कर रहे थे। एसडीआरएफ की समिति ने दो वर्ष संविदा बढ़ाने की अनुशंसा की है उसके बावूजद भी डीजी अशोक दोहर संविदा कर्मचारियों की संविदा नहीं बढ़ा रहे हैं और मनमानी कर रहे हैं। 38 लोगों में से 10 संविदा कर्मचारियों की संविदा बढ़ा दी गई है, 28 की संविदा नहीं बढ़ाई गई है। 

म.प्र. संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और निष्कासितों को बहाल करके संविदा कर्मचारियों को सौगात दे रहे हैं, वहीं विभागों में बैठे उच्च अधिकारी संविदा मौखिक निर्देशों से संविदा समाप्त कर रहे हैं। 

सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश भी नहीं मान रहे हैं अधिकारी 

5 जून 2018 को म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के द्वारा भी संविदा कर्मचारियों के सबंध में नीति निर्देश जारी किये गये थे उसमें उल्लेख किया गया था कि किसी भी संविदा कर्मचारियों को हटाया नहीं जायेगा लेकिन उसके बावजूद विभागों में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था किसी संविदा कर्मचारी को हटाया नहीं जायेगा

1 अगस्त 2019 को राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के द्वारा अपने कक्ष में अधिकारियों की ली गई बैठक में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने तथा उनको नहीं हटाने के निर्देश दिये गये थे। उसके बावजूद प्रदेश में विभिन्न विभागों में बैठे आला अधिकारी हठधर्मिता अपनाकर सरकार विरोधी कार्य कर रहे हैं। 

म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि यदि राज्य आपदा मोचन बल के संविदा कर्मचारियों की संविदा नहीं बढ़ाई गई तो संविदा कर्मचारी मंत्रालय वल्लभ भवन के सामने आमरण अनशन करेंगें।