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तनिष्का तलरेजा: SDERF की टीम सारा दिन तलाशती रही, ना बॉडी मिली ना सुराग | BHOPAL NEWS

भोपाल। सोमवार सुबह भोपाल से इंदौर जाते समय सीहोर के जताखेड़ा में नाले में बही जीवन मोटर्स (नेक्सा) की रिलेशनशिप मैनेजर तनिष्का तलरेजा पिल्लई की दूसरे दिन भी सर्चिंग जारी रही। तनिष्का को खोजने के लिए एसडीईआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय पुलिस के 30 जवान जुटे हुए हैं। हादसा उस समय हुआ था जब तनिष्का कंपनी के तीन और आरएसएम के साथ कार से प्रोडक्ट लाॅचिंग ट्रेनिंग में शामिल होने जा रही थी। कार अनियंत्रित होकर पुलिया से टकराने के बाद नाले में गिर गई थी। इसमें कार ड्राइवर और तीन आरएसएम के शव पुलिस ने सोमवार को नाले से बरामद कर लिए थे। 

तनिष्का को नाले से खदान की ओर बहते हुए देखा था

सीहोर एएसपी समीर यादव के अनुसार हादसे में वसुंधरा बैंक कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय संयोग प्रताप सिंह जादौन, बाणगंगा टीटीनगर निवासी 50 वर्षीय मोहम्मद नसीम, जूना ब्यावरा निवासी अजय आचार्य और राम नगर ईदगाह हिल्स निवासी 28 वर्षीय फरहान खान की मौत हो गई थी। पुलिस को दो शव कार में फंसे मिले थे, जबकि दो शव पानी में बह गए थे। तनिष्का भी पानी में बह गई थी, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चला। प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी मिली थी कि उन्होंने महिला को नाले से खदान की ओर बहते हुए देखा था। 

तनिष्का के पति राहुल और परिजन भी मौके पर

एएसपी यादव के अनुसार मंगलवार को एसडीईआरएफ की टीम जताखेड़ा पहुंची और सुबह 6.30 बजे से अंधेरा होने तक खदान में तनिष्का की तलाश की। यह खदान करीब 40 फीट गहरी और लगभग 75 मीटर के दायरे में फैली हुई है। जिसमें कीचड़, झाडियां और गंदगी है। ऐसी जानकारी मिली है कि यह खदान जताखेड़ा स्थित एक फैक्टरी के निर्माण के दौरान बनी थी। लगातार हो रही बारिश से सर्चिंग प्रभावित हो रही है। तनिष्का के पति राहुल पिल्लई और परिजन भी मौके पर थे। जताखेड़ा के पास खदान के उस हिस्से में जाली लगा दी है, जहां से नदी में पानी जाता है। नदी में भी तलाश जारी है। 

नाला कहां से कहां जाता है

दरअसल जताखेड़ा के पास जिस नाले में कार गिरी थी वह नाला 2 किमी आगे दो हिस्सों में बंट जाता है। एक हिस्सा अनब्रेको कंपनी के भीतर से और दूसरा कंपनी की बाउंड्रीवाल के किनारे-किनारे आगे बढ़ता है। करीब एक किमी के दायरे के बाद नाले के दोनों हिस्से फिर एक हो जाते हैं। इसके बाद नाला खोकरी होते हुए सौंडा से गुजरने वाले नाले (जिसे लोग सौंडा नदी भी कहते हैं) में मिल जाता है। यहां से यह नाला सीधे पारबती नदी में मिलता है।