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HOME LOAN GUIDELINES for FIRST TIME BUYERS INDIA HINDI | पहली बार होमलोन लेने वालों के लिए गाइडलाइन

नवनीत दूबे, नई दिल्ली। अगर आप होम लोन ले रहे हैं तो इसकी ईएमआई कितनी होगी, यह तय करने में लोन अमाउंट पर लगना वाला इंट्रेस्ट रेट और लोन की समयावधि (टेन्योर) बड़ी भूमिका निभाते हैं। अगर होम लोन लेने जा रहे हैं तो हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जिससे आप ईएमआई का बोझ कम कर सकेंगे।

अगर कम ईएमआई वाला होम लोन चाहिए तो आपको ऐसा बैंक ढूंढना होगा जो कम इंट्रेस्ट पर होम लोन दे रहा हो। हालांकि, हर बैंक में जाकर यह पता लगाना थोड़ा मुश्किल काम हो सकता है। साथ ही, यह पता लगाना भी आपके लिए थोड़ा परेशानी भरा हो सकता है कि कौन सा बैंक बेहतर डील दे रहा है। हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिससे आप होम लोन पर बढ़िया डील पा सकते हैं और आपका ईएमआई का बोझ कम हो सकता है।

1. ऑनलाइन इंट्रेस्ट रेट की तुलना करें

आज की तारीख में बेहतर होम लोन पाने का सबसे बढ़िया तरीका ऑनलाइन होम लोन ऑफर तलाशना है। ऐसे कई वेबसाइट और पोर्टल हैं, जो होम लोन को लेकर विभिन्न बैंकों द्वारा चार्ज किए जाने वाले इंट्रेस्ट रेट, फीस और अन्य चार्ज के बारे में जानकारी मुहैया कराते हैं। इसलिए, होम लोन लेने से पहले रिसर्च कर लें, ताकि आपको शानदार डील मिल सके।

2. लंबी अवधि का होम लोन लें

होम लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, हर महीने लगने वाला ईएमआई उतना ही कम होगा। हालांकि, लंबी अवधि का होम लोन तभी लें, जब आपको लगे कि आप ज्यादा ईएमआई अफॉर्ड नहीं कर सकते हैं। जब आप लंबी अवधि का होम लोन लेंगे, तो आपको इंट्रेस्ट के रूप में काफी बड़ी रकम बैंक को देनी पड़ेगी।

होम लोन लेने से पहले आपको लोन की अवधि और इंट्रेस्ट रेट के हिसाब से भुगतान करने वाली कुल राशि की गणना कर लेनी चाहिए। इसके लिए आप ईटी वेल्थ के ईएमआई कैलकुलेटर का सहारा ले सकते हैं। कोशिश करें कि ईएमआई की राशि अधिक हो, हालांकि यह उतना नहीं होना चाहिए कि उसका भुगतान करने में आपके समक्ष परेशानी पेश आए। इसलिए, होम लोन की अवधि काफी सोच-समझकर चुनें, क्योंकि इसका सीधा असर आपकी ईएमआई पर पड़ेगा, जिसका भुगतान आपको हर महीने करना है।

शुरुआती सालों में आपको होम लोन की ईएमआई देने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जो सहज बात है। हालांकि, समय बीतने के साथ ही यह आपके लिए आसान हो जाएगा, क्योंकि समय के साथ व्यक्ति की आय बढ़ती है।

3. ज्यादा से ज्यादा डाउनपेमेंट करें

कुछ बैंक प्रॉपर्टी वैल्यू का 80-90 फीसदी रकम फाइनैंस करने का ऑफर करते हैं, लेकिन इस तरह की डील करने से जहां तक हो सके आपको बचना चाहिए। अगर आपके पास पैसे नहीं हैं तो आप 10-20 फीसदी का डाउनपेमेंट कर सकते हैं, लेकिन अगर पैसे हैं तो जान-बूझकर कम डाउनपेमेंट करने से बचें। इसका कारण यह है कि आप डाउनपेमेंट जितना अधिक करेंगे, आपका एलटीवी रेशियो (लोन टु वैल्यू रेशियो) उतना ही कम होगा। इससे आपकी लोन एलिजिबिलिटी भी बढ़ेगी और लोन मिलने का चांस भी बढ़ेगा।