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ATITHI SHIKSHAK भी सेवाएं देने तैयार नहीं, गणित-अंग्रेजी के सारे पद खाली

जबलपुर। शिक्षक तबादलों ने ग्रामीण स्कूलों की हालत खराब कर दी है। स्थिति ऐसी है कि गणित-अंग्रेजी के सारे पद खाली हैं और अतिथि शिक्षक भी नहीं मिल रहे हैं। इधर स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक तबादलों पर रोक लगाकर रखी है, जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। 23 सितंबर को तिमाही परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, छा़त्र इस परेशानी में है कि जब कुछ पढ़ा ही नहीं तो परीक्षा में क्या लिखेंगे। उनके लिए परीक्षा सिर्फ दिखावा है।

55 प्रायमरी और माध्यमिक स्कूल के परीक्षा परिणाम कभी बेहतर नहीं आए और इसका एक मात्र कारण नियमित शिक्षकों की पदस्थापना न होना है। बताया जा रहा है कि प्राचार्य, विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो इसके लिए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लेकर अध्यापन कार्य करा रहे हैं। परंतु गणित-अंग्रेजी विषय के अतिथि शिक्षक ही नहीं मिल रहे हैं इस वजह से इन विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही है।
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शिक्षकों के तबादला होने से इस बार शिक्षक विहीन स्कूलों में अतिथि शिक्षक पढ़ाने को तैयार नहीं हैं। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि फिलहाल स्कूल में शिक्षकों की पोस्टिंग नहीं हो रही है परंतु शिक्षक आ जाएंगे तो उन्हें अलग कर दिया जाएगा इसलिए वह उन स्कूलों का चयन कर रहे हैं जहां पर पद खाली है और शिक्षकों की पोस्टिंग हो चुकी है।

बेलखेड़ा संकुल के बसेड़ी मिडिल स्कूल में 3 शिक्षक नियुक्त थे परंतु दो ने शहर के स्कूलों में ट्रांसफर ले लिया अब सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे ही पढ़ाई हो रही है और गांव में पढ़े-लिखे युवक, युवती हैं परंतु गणित-अंग्रेजी विषय इनके कमजोर हैं।

इन स्कूलों में नहीं हैं शिक्षक 

शासकीय स्कूल तिनसा, कठिया, मॉडल प्राथमिक स्कूल कुंडम, मचई टोला, विसनपुरा, प्राथमिक स्कूल कुप्पी, सरदाई टोला स्कूल कुंडम, स्टेटलाइट स्कूल इंद्रानगर, देवरी, बीटाकाला, पौड़ीखुर्द, सगौना, उमरधा, मानसकरा, लोहीपुल स्कूल कुंडम, स्टेटलाइट स्कूल हाथीढोल, पोंड़ी, घघोटिया प्राथमिक स्कूल, खूनीटोला स्कूल, किसरोध प्राथमिक स्कूल, बेली स्कूल शहपुरा, कचनारी स्कूल, समनापुर, तिनसा, अगरिया मिडिल स्कूल शिक्षक विहीन है और यहां गणित-अंग्रेजी विषय के अतिथि शिक्षक भी नहीं मिल रहे हैं।