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अतिथि शिक्षकों की तिरंगा यात्रा भोपाल पहुंची, सरकार का इंतजार | ATITHI SHIKSHAK TIRANGA YATRA

आशीष कुमार बिरथरिया/भोपाल। शिक्षक दिवस गुरूवार पर हजारों अतिथि शिक्षक सीहोर से लंबी पदयात्रा करके ससम्‍मान तिरंगे को अपनी यात्रा का साक्षी बनाकर भारी बारिश और खराब मौसम होने के बाद भी अनेक मुसीबतों व थकान की परवाह न करते हुए भोपाल की धरती पर आ चुके है। 

आज म.प्र के पूर्व सीएम दिगविजय सिंह ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए अपने ट्वीट के माध्‍यम से प्रदेश सरकार को उनका वचन याद दिलाया। जिसमे उन्‍होने अतिथि शिक्षक एवं अतिथि विद्वान नियमितिकरण का वचन पूरा करने का संकल्‍प मुख्‍यमंत्री कमलनाथ को याद दिलाया। वचनपत्र बनाते समय कमलनाथ ही कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष थे व उनकी सहमति उपरांत ही अतिथि शिक्षक एवं अतिथि विद्वान नियमितिकरण के मुद्दे को वचनपत्र में लिया गया था। 

हजारों अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो गए है


प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार को बने 8 माह हो गए है और अब तक इन मुद्दो की अनदेखी किए जाने से प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो गए है व गरीबी बेरोजगारी से दयनीय जीवन जीने पर विवश हैं कई अतिथि शिक्षक नियमितिकरण की राह देखते देखते सेवा निष्‍कासन होने से दिल के दौरे का शिकार बन चुके है। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज प्रदेश सरकार के पास शिक्षक दिवस गुरूवार को अच्‍छा मौका है कि वह अतिथि शिक्षक नियमितिकरण का आदेश जारी करके अपना वचन पूरा करे व शिक्षक दिवस पर अतिथि शिक्षकों की तिरंगा यात्रा को सम्‍मान दे क्‍योंकि विपक्ष में रहते कांग्रेस नेता अतिथि शिक्षक आंदोलनों में सहभागी रहे है व उनके नियमितिकरण के पक्षधर रहे है। 

यदि सरकार आश्‍वासन देती रहेगी तो विश्‍वसनीयता खो देगी


प्रदर्शनकारियों का कहना है कि  15 अगस्‍त के अपने भाषण मे भी मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण की बात की थी। आज शिक्षक दिवस पर अतिथि शिक्षक हजारों की संख्‍या मे भोपाल की धरती पर हैं। सरकार को अपने वचन का मान रखते हुए इन हजारों अतिथि शिक्षकों की उपस्तिथि में उनके ही मंच से नियमितिकरण संबंधी आदेश जारी करके वचन पूरा करना चाहिए। यदि सरकार सिर्फ आश्‍वासन देती रहेगी तो अपनी विश्‍वसनीयता खो देगी। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश मे कांग्रेस सत्‍ता का वनवास 15 सालों से झेल रही थी अतिथि शिक्षकों ने ही अपने कई आंदोलनो मे विभिन्‍न कर्मचारी संगठनो को अपने साथ शामिल करके भाजपा सरकार की गलत नीतियों को उजागर किया व कांग्रेस सरकार कर्मचारियों की न्‍यायपूर्ण मॉंगो को वचन पत्र मे शामिल करके सत्‍ता मे आ पाई। यदि ये सरकार आज वचन पूरा नही करती तो ये भी पूर्व मुख्‍यंत्री शिवराज जी को घोषणावीर कहना छोड़ दे क्‍योंकि कर्मचारी संगठन अपना सब्र खो रहे है व भारी आर्थिक विपदा व अनिश्चित जीवन जी रहे है। वे अब इन्‍हें वचन वीर कहने लगे है। ऐसे मे पूरी आशा है कि जिस कांग्रेस पार्टी ने सदैव शिक्षकों को सम्‍मान दिया है व 90 दिन सेवा देने वालों तक को नियमित किया है। वह आज अतिथि शिक्षक मंच से नियमितिकरण संबंधी आदेश जरूर जारी करेगी व अतिथि शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र 2006-7 से हो रहे शोषण व अन्‍याय से मुक्‍त करेगी। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज अतिथि शिक्षक अपने मंच पर माननीय मुख्‍यमंत्रीजी, दिगविजयसिंहजी, कुणालजी, पीसी शर्मा जी की राह देख रहे है क्‍योंकि किसी ने वचन दिया था। किसी ने जिम्‍मेदारी ली थी तो कोई सदैव उनके आंदोलन का साक्षी व न्‍याय पाने का पक्षधर रहा है।