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मंत्री ने फोन किया तो रिश्वत की रकम 50 की जगह 25 हजार कर दी: संयुक्त आयुक्त सहित 3 सस्पेंड

ग्वालियर। सरकारी तंत्र में मौजदू रिश्वतखोरी का बड़ा प्रमाण सामने आया है। सहकारिता मंत्री ने अपने विभाग के संयुक्त आयुक्त अभय खरे, अंकेक्षण अधिकारी रवीन्द्र शर्मा और वरिष्ठ अधीक्षक राधेलाल जाटव को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। (Instructions have been given to suspend Joint Commissioner of Cooperatives Department Abhay Khare, Auditing Officer Ravindra Sharma and Senior Superintendent Radhelal Jatav.) मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने एक व्यक्ति से रिश्वत मांगी, उन्होंने खुद फोन किया तो अधिकारियों ने रिश्वत की रकम 50 हजार से घटाकर 25 हजार कर दी। 

सारे दस्तावेज होने के बाद भी NOC जारी नहीं कर रहे थे

उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से शासन के लोग निरंकुश हो गये थे। लगातार भ्रष्टाचार कर रहे थे। अब उन पर अंकुश लगा है तो वह परेशान हैं। उन्होंने सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त अभय खरे के बारे में बताया कि गुना की गढा सहकारी नागरिक बैंक के प्रबंधन ने उनसे शिकायत की थी कि उनके सारे दस्तावेज होने के बाद भी एनओसी लैटर संयुक्त पंजीयक नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने स्वयं फोन कर कहा। उसके बाद भी संयुक्त पंजीयक ने कार्य नहीं किया हां 50 हजार की जगह 25 हजार रूपये मांगे। इसकी जानकारी जब उन्हें लगी तो उन्होने तत्काल प्रभाव से संयुक्त आयुक्त तथा वहीं पर पदस्थ अंकेक्षण अधिकारी रवीन्द्र शर्मा और वरिष्ठ अधीक्षक राधेलाल जाटव को निलंबित किया जायेगा। 

संयुक्त आयुक्त अभय खरे जबलपुर, मुरैना में भी कई शिकायतें थी

डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि संयुक्त आयुक्त अभय खरे जबलपुर में भी कई शिकायतें थी वहीं मुरैना में भी इनके विरूद्ध कई शिकायतें मिली थी इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश आगरा के लोगों को नौकरी में रखने तक की शिकायतें मिली थी। यह प्रकरण लोकायुक्त जांच में भी लंबित हैं। 

सहकारिता विभाग भ्रष्टाचारिता विभाग बन गया था

सहकारिता विभाग में घोटालों को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग भ्रष्टाचारिता विभाग बन गया था। भाजपा ने इस सहकारी आंदोलन को चारागाह बना दिया था। सहकारी आंदोलन फिर खडा हो उनका प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में ग्रामीण विकास बैंक के लोगों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। अब सरकार उन्हें या तो सहकारिता विभाग में खाली पदों पर मर्ज करेगी या फिर उन्हें अन्य विभागों के खाली पदों पर नियुक्ति देगी। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता वासुदेव शर्मा, ब्रजमोहन सिंह परिहार तथा भिंड के जिला पंचायत अध्यक्ष भी मौजूद थे।