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RAILWAY के टिकट काउंटर पर प्राइवेट कर्मचारियों की नई नियुक्तियां होंगी, 200 बुकिंग क्लर्क हटेंगे

जबलपुर। रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर अब निजी कर्मचारी तैनात होंगे। ये कर्मचारी, न सिर्फ यात्रियों को टिकट देंगे, बल्कि रेलवे स्टॉफ की मदद भी करेंगे। दरअसल अभी तक रेलवे, छोटे स्टेशनों पर जहां स्टॉफ नहीं है, वहां अनरिजर्व टिकट बेचने के लिए निजी कर्मचारी तैनात करता था, लेकिन यह इन्हें बड़े रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भी तैनात किया जाएगा। 

जबलपुर मंडल की सीमा में आने वाले तकरीबन 105 रेलवे स्टेशनों में 8 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को छोड़कर बाकी सभी स्टेशनों के टिकट काउंटर पर प्राइवेट कर्मचारी तैनात होंगे। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने पश्चिम मध्य समेत के जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडल समेत सभी रेलवे जोन से सर्वे कर जानकारी मांगी है।

स्टेशन मास्टर बोले-सिग्नल दिखाएं या टिकट काटें

दरअसल अभी सी, डी और ई श्रेणी के अधिकांश स्टेशनों में कर्मचारियों की कमी होने के कारण टिकट काउंटर पर यात्रियों को टिकट देने की जिम्मेदारी स्टेशन मास्टर संभालते हैं, लेकिन उन्होंने यह काम करने से मना कर दिया है। उनका कहना है ट्रेन आने के दौरान वे काउंटर पर बैठकर यात्रियों को टिकट दें या फिर प्लेटफार्म पर खड़े होकर ट्रेन को सिग्नल दिखाए। रेलवे ने अब इन काउंटर पर निजी कर्मचारी तैनात करने का निर्णय लिया है, जिसकी समीक्षा शुरू हो गई है।

काउंटर रेलवे का, सुविधा देंगे निजी कर्मचारी

रेलवे की पुरानी व्यवस्था को नया रंग देगा। दरअसल अभी तक अधारताल, देवरी, भिटौनी या फिर डुंडी रेलवे स्टेशनों पर या तो स्टेशन मास्टर टिकट काटते हैं या फिर निजी कर्मचारियों को रेलवे अपनी जगह देकर तैनात करता है। उन्हें रेलवे वेतन नहीं देता बल्कि काउंटर से बिकने वाली अनरिजर्व टिकट की कुल कीमत का 3 फीसदी कमीशन देता है। इस नई व्यवस्था को मंडल के 8 बड़े स्टेशन, जिनमें जबलपुर , कटनी, रीवा, सतना, दमोह, सागर, नरसिंहपुर और पिपरिया को छोड़कर बाकी सभी स्टेशन जिनमें प्रमुख तौर पर सिहोरा, कटनी साउथ, करेली, गाडरवारा, श्रीधाम आदि स्टेशनों पर भी यह सुविधा होगी।

200 बुकिंग क्लर्क हटेंगे

सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड द्वारा मांगे गए सर्वे के मुताबिक जबलपुर मंडल ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जिन स्टेशनों के अनरिजर्व बुकिंग काउंटर पर निजी कर्मचारी बैठाना है, उनका सर्वे कर लिया गया है। इनमें कई ऐसे काउंटर भी हैं, जहां तक अभी रेलवे के बुकिंग क्लर्क भी बैठते हैं। यदि इनकी जगह निजी कर्मचारियों को टिकट काटने के लिए बैठाया जाता है तो तकरीबन 200 बुकिंग र्क्लक को यहां से हटाया जाएगा। इन्हें दूसरी जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि रेलवे यूनियन ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।