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पाॅलिथिन प्रतिबंध: गोविंद गोयल ने कमलनाथ के बयान की मनमानी व्याख्या की | MP NEWS

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पाॅलिथिन पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के बावजूद, पाॅलिथिन पर प्रतिबंध के विरोध में कांग्रेस नेता गोविंद गोयल आज व्यापारियों को लेकर सीएम कमलनाथ के पास जा पहुंचे। उन्होंने अपने ही तर्क दिए और पाॅलिथिन को उचित करार देने की कोशिश की। 

गोविंद गोयल काॅपिस्ट नाम के संगठन के स्वयंभू अध्यक्ष हैं। इसी संगठन के बैनर तले गोविंद गोयल आज कुछ व्यापारियों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास जा पहुंचे। यहां उन्होंने पाॅलिथिन की तरफदारी और पाॅलिथिन पर प्रतिबंध का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पाॅलिथिन के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए। मुख्यमंत्री ने सिर्फ एक सवाल पूछा कि ' यदि पाॅलिथिन को रिसायकल कर फिर से उपयोग में लाया जा सकता है तो इस पर प्रतिबंध क्यों है।' आशय स्पष्ट था पंरतु गोविंद गोयल ने बाहर निकलकर मुख्यमंत्री के बयान की अपने तरह से व्याख्या कर दी और इस तरह जताया जैसे मुख्यमंत्री ने पाॅलिथिन के खिलाफ चल रहे अभियान को शिथिल करने का इशारा कर दिया है। 

गोविंद गोयल सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करें

एडवोकेट शैलेन्द्र गुप्ता का कहना है कि पाॅलिथिन पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगाया है। इस प्रतिबंध को किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री प्रभावित नहीं कर सकता। यदि गोविंद गोयल व्यापारियों के नेता हैं और वो यह प्रमाणित करने में सक्षम हैं कि पाॅलिथिन से पर्यावरण को कोई नुक्सान नहीं होता तो उन्हे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करना चाहिए।