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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंत्री गोविंद राजपूत की तरफ देखा तक नहीं | MP NEWS

भोपाल। कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया की कृपा से विधायक और फिर परिवहन मंत्री जैसी कुर्सी पर बैठे गोविंद सिंह के दिन अब पूरे हो गए लगता है। सिंधिया, गोविंद सिंह ने इतना नाराज हैं कि उन्होंने गोविंद सिंह की तरफ आंख उठाकर तक नहीं देखा। 

गोविंद राजपूत के मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया गया

ज्योतिरादित्य सिंधिया उज्जैन में थे। गोविंद सिंह राजपूत अपनी बात रखने के लिए उज्जैन पहुंचे थे परंतु सिंधिया ने उन्हे मिलने का समय तक नहीं दिया। बाबा महाकाल की शाही सवारी में शामिल होने उज्जैन आए सिंधिया ने परिवहन और राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से दूरी बनाए रखी। उज्जैन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लगातार उन्हें इगनोर किया। जबकि तुलसी सिलावट पूरी यात्रा के दौरान सिंधिया के साथ रहे। सिंधिया जब कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर की गैलरी में पहुंचे तो गेट लगा दिया गया। गोविंद सिंह राजपूत 10 मिनट तक बाहर इंतजार करते रहे,लेकिन गेट नहीं खोला गया। इस दौरान गोविंद सिंह राजपूत अलग-थलग दिखाई दिए।

मिला टका-सा जवाब

10 मिनट के इंतजार के बाद भी गेट नहीं खुले तो गोविंद सिंह राजपूत ने दोबारा गेट खोलने को कहा तो जवाब मिला कि महाराज गैलरी से नीचे आ रहे हैं। जब सिंधिया नीचे आए तो वो गोविंद राजपूत से मिले बिना चले गए। गैलरी से नीचे आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया तुलसी सिलावट को लेकर पालकी पूजन के लिए चले गए। गोविंद सिंह अकेले खड़े रहे। सिंधिया खेमे के तीसरे मंत्री प्रदुम्म सिंह तोमर भी उनसे मिलने उज्जैन पहुंचे थे और वे भी इंदौर तक सिंधिया के साथ रहे।

एयरपोर्ट नहीं गए गोविंद राजपूत

इस घटना के बाद आज ज्योतिरादित्य सिंधिया जब लौटे तो गोविंद राजपूत उन्हें छोड़ने एयरपोर्ट नहीं गए। यहां भी तुलसी सिलावट ही उनके साथ थे। इससे ज़ाहिर हो गया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और गोविंद राजपूत के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। सिंधिया की नाराज़गी जैसे ही सुर्खियां बनीं दोनों मंत्री सफाई देते नजर आए।

गोविंद सिंह की जरूरत ही नहीं थी

मीडिया में सिंधिया की नाराजगी की खबर आते ही गोविंद सिंह राजपूत ने सफाई दी। उन्होंने कहा सिंधिया हमारे नेता हैं। मीडिया के पास नाराजगी नापने का कौन सा यंत्र है वो यंत्र हमें जरूर दिखाएं। तुलसी सिलावट ने भी गोविंद सिंह राजपूत से कोई बात नहीं की, लेकिन अब तुलसी सिलावट भी सफाई दे रहे हैं उन्होने कहा कि राम सिंधिया के साथ थे इसलिए लक्ष्मण की जरूरत नहीं थी।