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कलियासोत के नजदीकी इलाकों में भूकंप जैसा कंपन | BHOPAL NEWS

भोपाल। इस बार तो प्रकृति भी भोपाल को नया पाठ सिखा रही है। भोपाल में भूकंप की कतई संभावना नहीं है बावजूद इसके कलियासोत डैम के नजदीकी इलाकों में भूकंप जैसा कंपन महसूस किया गया। यह कंपन मंगलवार को सुबह 12 बजे तक करीब 4 बार महसूस हुए। लोगों को पूरा दिन इस बात को समझने में लग गया कि जो उन्होंने महसूस किया, वो सचमुच हुआ भी था। 

भूगर्म में क्या हलचल हुई

कान्हा कुंज कॉलोनी के लोगों ने बताया कि मंगलवार 27 अगस्त का सबसे तेज़ झटका सुबह 10 बजे के करीब महसूस हुआ। हालांकि इन झटकों की वजह से किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन लोगों में दहशत का माहौल है। झटके किस वजह से महसूस हो रहे हैं इस बारे में भी अब तक कोई जानकारी नहीं है लेकिन भूगर्म में जो कुछ हुआ, लोग उसके बारे में जानना चाहते हैं ताकि वो अपने भविष्य का निर्णय कर सके। 

सबसे पहले तेज धमाके की आवाज आई थी

कान्हा कुंज कॉलोनी में जैसे ही मंगलवार की सुबह हुई सबसे पहले लोगों को एक तेज धमाके जैसी आवाज आई, फिर जमीन में भूकंप जैसा कंपन हुआ। डरे सहमे हुए लोग घरों से बाहर निकल आए और एक दूसरे से जानकारी लेने लगे। बाद में इलाके के लगभग सभी लोगों ने भूकंप जैसे झटके महसूस होने की पुष्टि की। आपको बता दें कि भोपाल का कान्हा कुंज इलाका कलियासोत डैम से सटा हुआ और 3 ओर से पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

कब-कब महसूस हुए झटके

>> सबसे पहला झटका सुबह 5.30 बजे के करीब आया
>> दूसरा झटका सुबह 10 बजे के करीब महसूस हुआ
>> तीसरा झटका 10.45 बजे
>> चौथा झटका 12 बजे के करीब महसूस हुआ

भूगर्भ शास्त्री विनोद कुमार पाराशर की प्रतिक्रिया

भूगर्भ शास्त्री विनोद कुमार पाराशर के मुताबिक बारिश के मौसम में धरती के भीतर हलचल होती है। जिन जगहों पर मिट्टी ज्यादा होती है, वहां पानी पूरी तरह से सेचुरेट हो जाता है और मिट्टी की ऊपरी लेयर नीचे धसकने की घटनाएं होती हैं, जिससे कभी-कभी कंपन महसूस होता है।