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जब कर्मचारी की पर्सनल लाइफ, JOB को इफेक्ट करने लगे तब क्या करें

अक्सर कर्मचारी अपने जॉब और लाइफ यानी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच में फंस जाता है। पर्सनल लाइफ के प्रॉबलम्स उसकी प्रोफेशनल लाइफ को इफेक्ट करते हैं। कर्मचारी बर्न आउट होने लगते हैं। संस्थान का नुक्सान होता है। ऐसे में क्या किया जाएगा आपके अधीनस्थ कर्मचारी अपने जॉब को अपना 100 प्रतिशत देते रहें और उनकी पर्सनल लाइफ का जॉब पर कम से कम असर हो। 

जानिए कर्मचारी कहीं ‘बर्न आउट’ तो नहीं हो रहे? 

यह संभव है कि आपके कर्मचारी ‘बर्न आउट’ हो रहे हैं और आपको अंदाजा भी ना हो। 
हो सकता है वे अपने निजी जीवन और दफ्तर के बीच संतुलन नहीं बना पा रहे। 
लीडर्स को ये आश्वासन देना चाहिए कि वे अपने कर्मचारियों के बारे में सोचते हैं, उनकी सेहत की चिंता करते हैं और एक सही वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हैं। 
लोगों को फ्लेग्जिबल टाइम, ब्रेक्स और दिमागी सेहत ठीक रखने के अवसर दिए जा सकते हैं। 
टीम को अपनी उम्मीदें बताई जा सकती हैं। 

उन्हें ये बता सकते हैं कि थोड़ा आराम और ‘अनप्लग’ करने से आप खुद को काम करने के लिए रिचार्ज कर लेते हैं और इस तरह आप पहले से बेहतर काम कर पाते हैं। 
संस्थान की संस्कृति ऐसी होनी चाहिए जो लोगों को थकाने की बजाय प्रेरित और प्रोत्साहित करे। 
आपके कर्मचारियों को काम के प्रति अपना समर्पण साबित करने के लिए पूरे दिन काम करने की जरूरत नहीं है।