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कलियासोत डैम: आम नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित | BHOPAL NEWS

भोपाल। यदि आप कलियासोत डैम पर पिकनिक मनाने या वहां जाकर रोमांचकारी आनंद उठाने का प्लान बना रहे हैं तो कृपया ड्रॉप कर दें। कलेक्टर ने कलियासोत डैम को आम आदमियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। यह आदेश दिनांक 24 अगस्त 2019 से आगामी 2 माह तक के लिए लागू हो गया है। उल्लंघन करने वाले पर्यटकों एवं आम नागरिकों के खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

कलेक्टर तरुण कुमार पिथोड़े ने जारी आदेश में लिखा है कि भोपाल मे थाना क्षेत्र चुनाभटटी स्थित कलियासोत डैम के प्राकृतिक दृश्य को देखने हेतु आम जनता का सैलाब काफी अधिक रहता है। वर्तमान में कलियासोत डेम का वॉटर लेबिल धारित क्षमता से अधिक होने के कारण समय-समय पर वाटर लेबिल को नियंत्रित करने हेतु पानी को कलियासोत नदी में गेट के माध्यम से छोड़ा जाता है।

कालयासोत डेम के उक्त दृश्य को देखने हेत भोपाल शहरवासी काफी सख्या में एकत्रित होते हैं जिससे आवागमन परिरूद्व होने के साथ जनहानि होने की संभावना बनी रहती है। उक्त संभावित दुर्घटनाओं को रोकने हेतु कलियासोत डेम क्षेत्र में प्रभावी कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक हो गया है।

अतएव मैं तरूण कुमार पिथोड़े, जिला दण्डाधिकारी भोपाल दण्ड प्रक्रिया सहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए कलियासोत डेम से वाटर लेबिल को नियंत्रित करने हेतु पानी को कलियासोत नदी में गेट के माध्यम से छोड़े जाने के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों को दृष्टिगत रखते हुये सुरक्षा संबंधी निम्नलिखित निर्देश जारी करता है। 

कलियासोत जलाशय के वेस्टवियर एवं डैम व नदी के आस-पास पानी भरने की पूरी संभावना एवं अतिशेष जल निकासी हेतु बांध के खोले जाने पर सभी नागरिको एवं पर्यटक बाँध, वेस्ट वियर एवं नदी की तरफ बिल्कुल न जावे। 

कलियासोत जलाशय के वेस्टवियर एवं डैम व नदी के आस पास 100 मीटर (रोड को छोडकर) की परिधि में आम नागरिकों एवं पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जावे। 
सूर्यास्त होने या सायंकाल 7:00 बजे के पश्चात आम नागरिकों एवं पर्यटको का उक्त क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित किया जावे। 
म0प्र0 टूरिजम एवं डवलपमेंट कार्पोरेशन की अनुमति के बिना कोई भी प्राइवेट बोट का संचालन कलियासोत डेम व आस पास के क्षेत्र में नहीं किया जा सकेगा।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध धारा 188 के तहत कार्यवाही की जावेगी। 
यह आदेश जारी होने की तिथि से दो माह तक प्रभावशील रहेगा।