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ATITHI SHIKSHAK: सीहोर से शुरू होगी तिरंगा यात्रा भोपाल में आन्दोलन होगा | MP NEWS

सीधी। जिले के अतिथि शिक्षकों ने अपनी मागों को लेकर (31/08/2019) मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम सयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौपा। जिसमें काग्रेस सरकार द्वारा अपनी वचन पत्र के  अनुसार नियमितिकरण व बाहर हुए अतिथि शिक्षको रिक्त पदों पर पुनः नियुक्ति करने का आदेश जारी करने हेतु मांग की गई है। 

शिक्षकों के मनमाने तबादलों से अतिथि शिक्षक बेरोजगार हो गए

अतिथि शिक्षक अपनी मागो को लेकर लम्बे समय से लामबन्द है लेकिन काग्रेस सरकार अतिथि शिक्षको के साथ अन्याय करते हुए दिख रही है। अतिथि शिक्षक संघ सीधी के जिला अध्यक्ष रविकांत गुप्ता से बात करने पर उन्होने बताया की अतिथि शिक्षक मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहे है। शिक्षण सत्र के दो महीने बीत जाने के बाद भी अतिथि शिक्षको का पद सुरक्षित नही है क्योकि सरकार बिना किसी नियम के मनमानी तरीके से स्थानांतरण कर रही है जिससे लगभग हजारो अतिथि शिक्षक बाहर हो गये है। जबकि कांग्रेस सरकार ने अपने वचन पत्र मे अतिथि शिक्षको को तीन माह मे नियमित करने को कहा था लेकिन आज आठ माह बीत जाने पर भी अतिथि शिक्षको के लिये सरकार ने कोई नियम नही बनाया  बल्कि अतिथि शिक्षको के भर्ती मे 10-12 वर्षों से कार्य कर रहे अतिथि शिक्षको को बाहर कर दिया गया। 

वचन के बिन्दु क्रमांक 16.27 व 47.23 में नियमितीकरण का वचन दिया था

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने अपने वचन के बिन्दु क्रमांक 16.27 व 47.23 के अंतर्गत अतिथि शिक्षको को तीन माह मे नियमित करने का वचन दिया था , और इसके लिये सरकार ने समिति का गठन कर तीन महीने मे नीति बनाकर अतिथि शिक्षको के नियमितिकरण हेतु प्रस्ताव सरकार को सौपे लेकिन समिति गठन के पाँच माह बाद भी समिति ने अपना प्रस्ताव सरकार को नही दिया ।अतिथि शिक्षको ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार यदि दो सितंबर तक हमारी माँगो पर विचार नही करती तो जिले के साथ साथ पूरे प्रदेश के अतिथि शिक्षक चार सितंबर से सिहोर जिला से पैदल - तिरंगा न्याय यात्रा निकालते हुये पाँच सितंबर को शिक्षक दिवस के दिन राजधानी भोपाल के शाहजहानी पार्क मे उपवास पर बैठेगे। व माँग पूरी न होने पर भोपाल के सड़कों मे उतर कर सरकार के खिलाफ जंगी प्रदर्शन करगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रसाशन की होगी।

स्थानांतरण के कारण गांवो के स्कूलो की पढ़ाई हुई ठंप  

सरकार के गलत स्थानांतरण नीति के कारण गांव के स्कूलो की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है । क्योकि गांवो अधिकांशतः शिक्षको ने अपना स्थानांतरण शहरो मे करवा लिया है । शिक्षण व्यवस्था ठंप होने का सबसे बड़ा कारण स्थानांतरण करने मे नियमो का अनदाखी करना है क्योकि शासन जो पालिसी तैयार की थी उसमे विकलांग, गंभीर रूप से बीमार,  पति-पत्नी के अलग अलग जगहो पर कार्यरत व महिलाओ को वरिष्ठता के आधार स्थानांतरण करना था लेकिन शासन मनमानी तरीके से स्थानांतरण कर दिया जिसका खामियाजा नियम मे आने वाले शिक्षक, अतिथि शिक्षक  व छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। अभी तक स्थानांतरण से रिक्त हुये पदो पर  न नियमित शिक्षक  न ही अतिथि शिक्षको की व्यवस्था की गई है। 

ये है अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगे 

1- वचन-पत्र एवं कमलनाथ जी द्वारा 12 नवम्बर 2018 को की गयी घोषणा अनुसार अतिथि शिक्षको को गरूजी के समान नियमितिकरण किया जाय।
2- पूर्व मे कार्यरत बाहर हुए अतिथि शिक्षको को संविदा कर्मचारियों के समान रिंक्त पदो पदो पर पुन : कार्य मे बुलाया जाय।