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मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तरह 76 सदस्यीय विधान परिषद गठित होगी | MP NEWS

भोपाल। ​प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उस खबर की पुष्टि कर दी है जिसमें बताया गया ​है कि जल्द ही मध्य प्रदेश में विधान परिषद का गठन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह 76 सदस्यीय होगी। बता दें कि विधान परिषद, राज्यसभा जैसा सदन होता है। इसके सदस्यों का चुनाव जनता द्वारा नहीं किया जाता। 

खबर में बताया गया है कि मप्र में 76 सदस्यीय विधान परिषद का गठन होगा। पीसीसी ने ट्वीट किया है कि अपने वचन को निभाते हुए कमलनाथ सरकार मप्र में जल्द ही विधान परिषद का गठन करेगी। 76 सदस्यीय विधान परिषद के गठन का प्रस्ताव संसदीय कार्य विभाग ने तैयार कर लिया है। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से प्रकाशित हुई खबर में दावा किया गया है कि भाजपा भी इसके लिए तैयार है। 

शिवराज सिंह ने विधान परिषद का विरोध किया था

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने 15 वर्षों के बाद सत्ता में वापसी की है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने मतदान से पहले कहा था कि, अगर हम जीते तो प्रदेश में विधान परिषद बनाई जाएगी। इस सिलसिले में खबरों की शुरूआत दिसम्बर 2018 में हो गई थी। तब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा था कि, हमें कभी विधान परिषद की जरूरत महसूस नहीं हुई, न विधायक के रूप में और न मुख्यमंत्री के रूप, मुझे नहीं लगता कि मध्यप्रदेश में एक और संस्थान की जरूरत है। 

देश के 7 राज्यों में विधान परिषद गठित है

बता दें कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में भी विधानपरिषद बनाए जाने का जिक्र किया है। देश के सात राज्यों में विधान परिषद का गठन किया गया है। जिसमें तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, आन्ध्र प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं। अगर मध्य्रदेश मे भी विधानपरिषद का गठन होता है एमपी भी इस परिषद का गठन करने वाला आठवां राज्य होगा।