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DAMOH: महिला शिक्षक ने अपनी भाभी के मर्डर की सुपारी दी थी, रायसेन से शूटर आया | CRIME NEWS

भोपाल। दमोह जिले के नरसिंहगढ़ इलाके में हुई आरती तिवारी की हत्या का खुलासा हो गया है। यदि घटनास्थल पर मौजूद लोग सक्रियता नहीं दिखाते तो यह हत्या केवल चेन स्नेचिंग के दौरान हुई घटना के रूप में दर्ज होेकर रह जाती। खुलासा हुआ है कि आरती तिवारी की हत्या के लिए उसी की ननद अनीता अवस्थी जो सरकारी स्कूल में शिक्षक भी है, ने दी थी। रायसेन से शूटर बुलवाया गया था। 

चेन लूटने के बहाने मारी गोली

नरसिंहगढ़ के चौकी थाना क्षेत्र में 18 जून को आरती तिवारी नाम की 45 साल की महिला को दिन दहाड़े गोली मार दी गयी थी। पहली नज़र में मामला लूट के लिए हत्या का लगा था। आरती अपने घर के नज़दीक कहीं जा रही थीं उसी दौरान बस स्टैंड के पास एक युवक उनकी ओर लपका और चेन झपटी। आरती ने विरोध किया तो उसने कट्टे से गोली मार दी। आरोपी मौके से फरार हो गया और आरती को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रैफर किया गया लेकिन रास्ते में ही आरती की मौत हो गयी।

ये है जांच का टर्निंग पाइंट

आरती पर हमला करने के बाद जैसे ही आरोपी फरार हुआ स्थानीय लोगों ने उसका पीछाकर उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी ने अपना नाम निगम सिंह धाकड़ बताया। वो रायसेन ज़िले का रहने वाला था। बस इसी बात से मामले की जांच ने दिशा बदल ली। पुलिस समझ नहीं पा रही थी कि रायसेन का व्यक्ति चेन स्नेचिंग के लिए यहां क्यों आएगा। निगम सिंह धाकड़ को समझ आ गया था कि उसकी पोल खुलने वाली है। हत्या के आरोप में जेल जाने से बचने के लिए उसने पागल होने का ड्रामा शुरू कर दिया। 32 दिन तक वो लगातार पागल होने की एक्टिव करता रहा। 

महिला शिक्षक अपने पति को छोड़कर मायके आ गई थी

पूछताछ में पता चला कि आरती की उसकी ननद अनिता अवस्थी ने ही सुपारी देकर हत्या करायी है। अनिता अवस्थी नरसिंहगढ़ में शासकीय स्कूल में टीचर है लेकिन करीब 12 साल पहले कैमोर जिला कटनी से पति से अलग होकर मायके में रह रही थी। यहां भाभी आरती तिवारी उसे ताने मारती रहती थी। 

पड़ौसी को फंसाकर मर्डर की सुपारी भिजवाई

ताने से तंग आकर अनिता ने अपने पड़ोसी मोनू पाराशर के साथ मिलकर आरती की हत्या की साज़िश रची। अनिता के कहने पर मोनू ने रायसेन निवासी रवि परमार को 5 लाख रुपए में आरती की हत्या की सुपारी दी। रवि ने निगम सिंह धाकड़ को नरसिंहगढ़ भेजा। 

पूरी प्लानिंग फुलप्रूफ थी

यहां मोनू पाराशर, निगम सिंह धाकड़ और अनिता ने 17 जून को मिलकर चेन लूटने के बहाने हत्या की साज़िश रची। 18 जून को रेकी करने के बाद दिनदहाड़े आरती की प्लान के तहत गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पड़ोसी मोनू पाराशर और रायसेन निवासी रवि परमार अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।