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स्कूलों में दीवाली की छुट्टी अब 24 दिन की होगी: विधानसभा में स्वीकृति | MP SCHOOL DIWALI VACATION

भोपाल। प्रदेश के स्कूलों में अब अवकाश (VACATION DAYS) के दिन जल्द बढ़ने वाले हैं। कुछ सालों पहले जैसे दशहरे से दीवाली तक (DUSSEHRA TO DIWALI) 24 दिनों की छुट्टियाँ (24 DAYS VACATION) एक साथ होती थीं, उसी तर्ज पर अब स्कूलों में छुट्टियाँ होंगी। मध्य प्रदेश विधानसभा (VIDHANSABHA) में विधायकों ने इस पर अपनी प्रारंभिक स्वीकृति भी दे दी है। स्कूल शिक्षा विभाग (SCHOOL EDUCATION DEPARTMENT) से मत लेने के बाद अवकाश की प्रक्रिया पर आगे काम किया जाएगा। संभावना यही है कि अब 24 दिनों की छुट्टियाँ स्कूलों में रहेंगी। अपडेट: मंगलवार को विधानसभा में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया। 

विधायक संजय यादव ने प्रस्ताव रखा था

अशासकीय संकल्प में बरगी विधायक संजय यादव ने विधानसभा में यह प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने कहा कि हमारे समाज में लोगों का जुड़ाव कम हो रहा है। हमारे जो तीज-त्यौहार हैं, संस्कृति है, उससे भावी पीढ़ी दूर जा रही है। पढ़ाई तो एक बोझ की तरह हो गई है, जिससे थोड़े दिन के अवकाश से त्यौहारों का सही आनंद बच्चे नहीं ले पाते हैं। कई लिहाज से यह सही नहीं है और इसमें बढ़ोत्तरी के साथ बदलाव की जरूरत है। इस तरह के बदलाव से बच्चों का जुड़ाव बेहतर हो सकता है। बच्चों की पढ़ाई पर वैकेशन वाले दिनों का असर न हो, शैक्षणिक कैलेण्डर इस अंदाज में तैयार किया जा सकता है। इस प्रस्ताव को सदन ने स्वीकार कर लिया। 

सदन के द्वारा प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग से इस पर अपना मत आगे लेकर अंतिम निर्णय की दिशा में बढ़ाया जाएगा। गौरतलब है कि अभी स्कूलों में दशहरे के समय 3 दिनों का अवकाश रहता है। इसी तरह दीवाली के समय भी 5 दिवसीय अवकाश होता है। होली के समय तीन दिन की छुट्टियाँ और इसी तरह अवकाश का कैलेंडर है।

त्यौहारी छुट्टी के तुरंत बाद कोई परीक्षा नहीं होगी

दीवाली, दशहरा में अवकाश दिवस बढ़ाने के अलावा यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि होली जैसे त्यौहार के बाद कोई भी परीक्षा तुरंत नहीं होनी चाहिए। होली के बाद बच्चों को पेपर की तैयारी करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का वक्त मिलना चाहिए। इससे न केवल मानसिक दबाव कम होगा, बल्कि इससे परिणाम भी भविष्य में बेहतर आ सकते हैं। विधायकों का इस तरह के प्रस्ताव में मानना भी है कि यदि मध्य प्रदेश सरकार इसको स्वीकार करती है, तो सीबीएसई में इसी तरह की वैकेशन प्रणाली लागू की जा सकती है, जो पूरे देश के छात्रों के लिए हितकारी होगी। वैकेशन पीरियड बढ़ाने को लेकर कई तरह के तर्क दिए गए हैं।