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रेप के आरोपी को फरियादी महिला की जानकारी पाने का अधिकार है: MPSIC NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्य सूचना आयोग (STATE INFORMATION COMMISSION) के कमिश्नर राहुल सिंह (COMMISSIONER RAHUL SINGH) ने एक अपील पर फैसला (DECISION) सुनाते हुए कहा है कि बलात्कार के मामले में यदि आरोपित व्यक्ति (RAPE ACCUSED), फरियादी महिला (VICTIM WOMEN) के बारे में सूचना के अधिकार (RIGHT TO INFORMATION) के तहत जानकारी मांगता है तो यह उसका अधिकार है, उसे जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि न्याय हित (IN FAVOR OF JUSTICE) के लिए निजता के नियम (RIGHT TO PRIVACY) का उल्लंघन करना पड़े तो यह अनुचित नहीं होगा। 

बता दें कि मंडला की एक छात्रा ने एक पुलिसकर्मी पर दुराचार का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिसकर्मी ने सूचना के अधिकार के तहत फरियादी छात्रा की अटेंडेंस की जानकारी चाही थी, लेकिन संस्थान और महिला ने अटेंडेंस की जानकारी देने से मना कर दिया था। आरोपित पुलिस कर्मचारी ने संस्थान के फैसले के खिलाफ अपील की। मामला राज्य सूचना आयोग में आया। सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति को इस तरह के प्रकरण में लापरवाही नहीं बरतने के लिए सचेत किया। साथ ही संस्थान को आयोग के आदेश प्राप्ति के 2 दिन के अंदर जानकारी देने को कहा।

ये था पूरा मामला

मंडला के थाना कोतवाली में संतोष झारिया नाम के पुलिसकर्मी पर पीड़िता ने नवंबर 2017 में दुराचार का आरोप लगाया था। पीड़िता का आरोप था कि पुलिसकर्मी ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ 5 महीने तक शारीरिक शोषण किया और बाद में किसी और से शादी कर ली। पीड़िता ने पुलिसकर्मी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उसे कई बार जान से मारने की भी धमकी दी। वहीं संतोष का कहना है कि उसकी दूसरी जगह शादी होने से लड़की ने उस पर झूठे आरोप लगाए हैं।

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने अपने आदेश में कहा कि "इस प्रकरण में एक व्यक्ति विशेष के निजी हित पर न्याय हित का पड़ला ज्यादा भारी दिख रहा है। लोक सूचना अधिकारी ने धारा 8 1 J के मूल रूप के एक अंश को तो ले लिया पर उसके पूर्ण रूप और सूचना के अधिकार कानून की आत्मा को नजरअंदाज कर दिया”।

दुराचार के इस मामले में पीड़िता ने 8 1 J के तहत जानकारी नहीं देने को कहा था। पर फैसला दुराचार के आरोपी के पक्ष में दिया गया। वहीं आवेदनकर्ता ने जानकारी जल्दी देने की गुहार लगाई थी, इस पर सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बड़ा फैसला लेते हुए 48 घंटे में जानकारी देने का आदेश जारी किया है।