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केरल में मानसून की दस्तक लेकिन मप्र में लू चलती रहेगी | MP NEWS

भोपाल। 8 दिन के पसीना पसीना इंतजार के बाद अंतत: मानसून ने केरल में दस्तक दे ही दी लेकिन मध्यप्रदेश के लोगों के लिए यह खबर फिलहाल ठंडक भरी नही है, यहां एक सप्ताह और लू चलती रहेगी। जून के लास्ट वीक में मानसून के बादल भोपाल के आसमान पर बरसते हुए दिखाई दे सकते हैं। बता दें कि आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल से टकराता है। 

मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दक्षिण में लक्षद्वीप के ऊपर चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है। दक्षिण-पूर्व अरब सागर में लो प्रेशर क्षेत्र भी बन रहा है। मानसून अगले 24 घंटे में पूर्वोत्तर के त्रिपुरा में दस्तक दे सकता है। स्काईमेट ने इस साल 93% और मौसम विभाग ने 96% बारिश की संभावना जाहिर की है। मौसम विभाग ने 9 जून के लिए केरल के आठ जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलपुझा, कोट्टयम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मल्लाप्पुरम और कोझिकोड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 10 जून को त्रिशूर में रेड अलर्ट रहेगा। एर्नाकुलम, मलाप्पुरम और कोझिकोड जिले में 11 जून को रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भारी से भारी बारिश होने की आशंका है।

मानसून 13 जून तक कर्नाटक पहुंच जाएगा 

मानसून श्रीलंका को कवर करने के बाद भारत की तरफ मुड़ गया है, बंगाल की खाड़ी मे विक्षोभ से नॉर्थ-ईस्ट और पश्चिम बंगाल में हल्की बारिश हो रही है। कर्नाटक सरकार ने बारिश के लिए मंदिरों में पूजा कराने के आदेश दिए हैं। बेलगाम के सवादत्ती (सौंदत्ती) येलम्मा मंदिर में बारिश के लिए पूजा जारी है। विशेष पूजा में धार्मिक विभाग के मंत्री पीटी परमेश्वर नाईक समेत कई मंत्री शामिल होंगे।

हिमाचल में बारिश से मौसम सुहाना

हिमाचल प्रदेश के चंबा, शिमला और कुफरी में गुरुवार की रात बारिश हुई। इससे मैदानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक मौसम सुहाना रहेगा। शुक्रवार को डलहौजी का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में चलेगी लू

पूर्वोत्तर में मौसम की स्थिति मानसून पैटर्न के अनुकूल होने से असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के आसार हैं। हालांकि, राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ में अगले चार-पांच दिनों तक लू की स्थिति बनी रह सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में 10-15 दिन की देरी

निजी मौसम एजेंसी स्काई मेट ने इस साल 93% और मौसम विभाग ने 96% बारिश की संभावना जाहिर की है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मानसून पहुंचने में 10-15 दिन की देरी हो सकती है। दिल्ली और इसके आसपास के प्रदेशों में आमतौर पर मानसून जून तक पहुंच जाता है। 

प्री-मानसून सीजन में भी बारिश कम हुई

स्काई मेट के वैज्ञानिक समर चौधरी ने बताया कि इस बार अल नीनो और ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं। 65 वर्षों में यह दूसरा मौका है, जब प्री-मानसून करीब-करीब सूखा गुजरा। इस दौरान सामान्य तौर पर 131.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है। इस साल 99 मिमी. बारिश हुई। पूर्वी दिशा की ओर बहने वाली हवाओं में नमी है, जिसने उत्तरी भारत में पारे पर थोड़ा नियंत्रण रखा। लेकिन, इसके बावजूद लू के थपेड़ों के चलते लगातार पारा बढ़ा है।

पिछले साल तीन दिन पहले पहुंच गया था मानसून

मानसून 2014 में 5 जून को, 2015 में 6 जून को और 2016 में 8 जून को आया था। जबकि, 2018 में मानसून ने केरल में तीन दिन पहले 29 मई को ही दस्तक दे दी थी। पिछले साल सामान्य बारिश हुई थी।