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INDORE शहर साफ लेकिन इंदौरियों की बॉडी में भारी पॉल्यूशन है | MP NEWS

इंदौर। इंदौर शहर तो स्वच्छ हो गया। उसे देश के सबसे साफ शहर का अवार्ड भी मिल गया परंतु क्या आपको पता है, इंदिौरियों की बॉडी में भारी पॉल्यूशन भरा हुआ है। हालात यह है कि 18 साल से अधिक उम्र के 25 प्रतिशत लोग बीपी के मरीज हो चुके हैं। यह किसी का हवा हवाई बयान नहीं है बल्कि यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) द्वारा की सर्वे रिपोर्ट है। 

90 प्रतिशत लोगों की थाली में पोष्टिक आहार नहीं होता

इंदौर में 10 प्रतिशत लोग सप्ताह में एक बार पिज्जा-बर्गर खाते हैं और 40 प्रतिशत लोग सप्ताह में एक बार समोसे, कचोरी जैसी तली हुई चीजों का सेवन करते हैं। 50 फीसदी लोग नमकीन का सेवन करते हैं और इसमें नमक ज्यादा होता है। इस तरह 90 फीसदी शहरवासियों की थाली से फल-सब्जी जैसे पोष्टिक आहार गायब हैं। इस कारण इंदौर के 25 प्रतिशत वयस्क लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। यह इंदौर के लोगों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

एम्स के डॉ. आनंद कृष्णन की सलाह

यह बातें एम्स नई दिल्ली के डॉ. आनंद कृष्णन ने शुक्रवार को इंदौर स्मार्ट सिटी और यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) द्वारा इंदौर में किए गए 'जोखिम कारण व पर्यावरण सर्वेक्षण' की रिपोर्ट जारी करने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इंदौर के लोग छोले-भटूरे खाना भले बंद न करें लेकिन अपने दैनिक भोजन में पोष्टिक आहार के रूप में सब्जियों और फलों की मात्रा बढ़ाएं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए 400 से 500 ग्राम प्रतिदिन फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

पांच साल पहले मिला था स्मोक फ्री सिटी का खिताब

इंदौर को पांच साल पहले स्मोक फ्री सिटी का खिताब मिला था, लेकिन अब शहरवासी धूम्रपान निषेध के मायने भूल गए हैं और निगम, स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही वजह है कि एम्स नई दिल्ली के प्रतिनिधियों ने जो रिपोर्ट जारी की है, उसके मुताबिक इंदौर के 50 फीसदी इलाकों में खुलेआम बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू-गुटखे का सेवन हो रहा है। हालात यह है कि इंदौर में हर एक किलोमीटर में 10 तंबाकू, गुटखा व सिगरेट बेचने वाली दुकानें हैं।

शहर में धड़ल्ले से इनके प्रमोशन के विज्ञापन किए जाए रहे हैं, जो तंबाकू नियंत्रण कानून 2003 का उल्लंघन है। रेस्टोरेंट और पार्कों में भी नो स्मोकिंग के संदेश नहीं लिखे हैं। इंदौर के लोग सिगरेट के मुकाबले तंबाकू-गुटखे का सेवन ज्यादा कर रहे हैं।

इन आंकड़ों को देख सचेत हो जाएं इंदौरवासी

- हर सप्ताह 150 मिनट व्यायाम करना चाहिए। इंदौर के 24 प्रतिशत लोग शारीरिक व्यायाम नहीं करते। सिर्फ 5 प्रतिशत ही नियमित योग करते हैं।
- 40 प्रतिशत युवाओं को है मोटापा। अमीर तबके के 55 प्रतिशत तो गरीब तबके के 30 प्रतिशत लोग हैं शिकार।
- जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है, उसमें से 18 प्रतिशत लोग ही हाइपरटेंशन होने पर इलाज ले रहे हैं।
- शहर के 80 फीसदी मरीजों का इलाज प्राइवेट सेक्टर के हॉस्पिटल कर रहे हैं।
-12 प्रतिशत लोगों को डायबिटीज है। एक तिहाई लोग ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच नहीं करवाते हैं। कैंसर स्क्रीनिंग तो न के बराबर है।
- शहर के गार्डनों में प्रॉपर वॉकिंग ट्रैक नहीं है। उद्यानों में सुरक्षा, कुत्तों की समस्या के कारण लोग घूमने जाने से कतराते हैं।
- तीन में से एक पुरुष तंबाकू उत्पाद और 10 में से एक व्यक्ति शराब का सेवन करता है।

इस तरह हुआ सर्वे

एम्स नई दिल्ली, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, स्कूल ऑफ सोशल वर्क, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग और जॉन स्नो इंडिया कंपनी (जेएसआई) के वॉलेंटियर्स ने पिछले साल अप्रैल से अगस्त माह तक शहर में ये सर्वे किया था। इन टीमों ने इंदौर के 30 वार्ड की 90 कॉलोनियों के 3040 घरों में जाकर 18 से 69 वर्ष के लोगों का फीडबैक लिया था।

2022 तक इंदौर में चलेगा हेल्दी सिटी का प्रोजेक्ट

जेएसआई के उप परियोजना निदेशक दामोदर बचानी ने बताया कि विश्व में तीन देशों के तीन शहरों में से इंदौर में हेल्दी सिटी का प्रोजेक्ट अमेरिका की यूएसएआईडी के माध्यम से चलाया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट तीन साल के लिए था, लेकिन अब यूएसएआईडी ने वर्ष 2022 के लिए इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है और इस कार्य के लिए मिलने वाला फंड भी दोगुना किया है। इंदौर में एक साल में सड़क दुर्घटना में 322 लोगों की मृत्यु हुई है, यानी हर दिन एक व्यक्ति की जान गई। शहर को साफ और स्वच्छ के साथ सुरक्षित बनाने के भी प्रयास किए जाना चाहिए।

धूम्रपान करने वालों और विज्ञापन करने वालों पर करेंगे कार्रवाई

पांच साल पहले हुए सर्वे के आधार पर इंदौर को स्मोक फ्री सिटी घोषित किया गया था, लेकिन अब धूम्रपान निषेध कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। इंदौर नगर निगम जल्द ही शहर में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों और गुटखे-तंबाकू के विज्ञापन करने वालों पर कार्रवाई करेगा।
-संदीप सोनी, अपर आयुक्त, नगर निगम, इंदौर