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शिंदे की छावनी पर लाश रखकर चक्काजाम किया | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। पत्नि और साढू द्वारा छत से फेंके गए युवक ने सोमवार की सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हालांकि पुलिस मामला कायम कर जांच पड़ताल कर रही है। लेकिन पुलिस की कार्यशैली से नाखुश मृतक के परिजनों ने लाश रखकर शिंदे की छावनी पर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढील पोल अपना रही है और आरोपियों को बचाने अथवा भागने का पूरा मौका दे रही है। 

यही नहीं यह लगभग साफ हो चुका है कि युवक को छत से फेंकने वालों में सिर्फ उसकी पत्नी और साडू ही नहीं 3 लोग और भी इस घटना में शामिल हैं लेकिन कई बार कहने के बाद भी पुलिस उनका नाम एफआईआर में लिखने को तैयार नहीं है। चक्काजाम की खबर पाकर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। और परिजनों को समझाया पर परिजन कुछ भी समझने को राजी नहीं थे। चार घंटे के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि सात दिन में आरोपी पकड़ लिए जायेंगे। तब कहीं चक्का जाम खोला गया।

उल्लेखनीय है कि शिंदे की छावनी डूंगरपुर के पास 25 वर्षीय राहुल (Rahul Batham) पुत्र मोहन बाथम (Mohan Batham) अंडे का ठेला लगाता है। राहुल का एक दोस्त है दीपू कौरव (Deepu Kaurav) निवासी हजीरा लूटपूरा चार शहर का नाका। दीपू और राहुल ने सगी बहनों से प्रेम विवाह किया है। राहुल ने बबीता से शादी की थी। परिवार इस शादी को मान नहीं रहा था। इसलिए कुछ दिन पहले से राहुल लूटपुरा में पवन तोमर के मकान में रहने लगा। 

2 दिन पहले राहुल की बहन के पास फोन आया और बताया गया कि दीपू ने राहुल को झगड़े के बाद छत से फेंक दिया है। और राहुल को धक्का देने में उसकी मदद बबीता ने की है। परिवार के लोग राहुल को लेकर सीधे अस्पताल पहुंचे। जहां सोमवार की सुबह से इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।