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मृत महिला से मुक्तिधाम में मजदूरी कराई, पेमेंट भी किया, अब FIR होगी | GUNA, MP NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश के गुना जिले की ग्राम पंचायत मानपुर में मनरेगा घोटाला (MNREGA SCAM) सामने आया है। यहां ऐसे लोगों के नाम मजदूरी कराया जाना दर्ज है जो जिंदा ही नहीं हैं। इन मजदूरों को भुगतान भी किया गया। सवाल यह है कि मरे हुए लोगों के बैंक खाते कौन संचालित कर रहा हैं क्या बैंक मैनेजर (Bank manager) भी इस घोटाले में शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृत महिला को मुक्तिधाम में मजदूर बता दिया गया। उसे भी पेमेंट किया गया है। अब जिला पंचायत सीईओ ने FIR दर्ज कराने की बात कही है।

गुना के पत्रकार श्री अरविंद शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 में मानपुर पंचायत के ग्राम अहमदपुर में पहले तालाब निर्माण की मंजूरी हुई थी, लेकिन सरपंच सगुनबाई (Sarpanch saganbai) और रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव रामकुमार यादव (Secretary Ramkumar Yadav) ने 25 सितंबर 2015 को मुक्तिधाम के लिए जमीन मंजूर करा ली। करीब साढ़े चार लाख रुपए से मुक्तिधाम निर्माण के लिए पहली किस्त 1 अप्रैल 2016 को निकाली। फिर 150 मजदूरों के नाम मस्टर रोल में भरकर काम पूरा होना बता दिया। जिसमें गांव की निवासी सोनियाबाई पति परसा बंजारा (Soniabai, Parsa Banjara)का नाम भी शामिल था। जबकि उसकी मृत्यु 2007 में कैंसर से हो चुकी। सोनिया से छह दिन तक काम कराना बताकर उसके नाम की मजदूरी निकाल ली। जबकि मुक्तिधाम अब तक अधूरा है।

झूठ बोला रोजगार सहायक

रोजगार सहायक रामकुमार यादव अपने बचाव में झूठ बोल गया। उसने कहा कि परसा बंजारा की पहली पत्नी सोनियाबाई की मौत 2007 में हो चुकी, लेकिन परसा ने दूसरी शादी कर ली थी। संयोग से उसका नाम भी सोनियाबाई था। मैंने उससे मजदूरी कराई थी। अब उसका भी निधन हो चुका है। यह सही है कि मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड बने हैं, क्योंकि गांव में मजदूर आसानी से नहीं मिलते।

परसा की दूसर पत्नी भी मर चुकी है

वहीं गांव के लहरी यादव ने बताया कि परसा उनके घर काम कर चुका है। रोजगार सहायक झूठ बोल रहा है। परसा बंजारा की पहली पत्नी सोनियाबाई की मौत 2007 में हो गई थी। दूसरी पत्नी का नाम सोनियाबाई नहीं था। नाम उन्हें याद नहीं है, लेकिन उसकी मौत भी 2015 से पहले हो चुकी थी। परसा वर्तमान में राजस्थान के जयपुर में नौकरी करने गया है।

एफआईआर कराएंगे

बहुत शर्म की बात है कि रोजगार सहायक ने मृतका का फर्जी जॉबकार्ड बनाकर मस्टर रोल भरकर राशि निकाल ली। मैं इस मामले में संबंधितों पर एफआईआर कराऊंगा। दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा। 
-अरुण कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ, गुना