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PRAGYA THAKUR की मदद के​ लिए अमित शाह ने सबसे विश्वापात्र सेनापति भेजा | BHOPAL NEWS



भोपाल। कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के सामने दमदार प्रत्याशी की चाह मेें भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को उतारा परंतु प्रज्ञा ठाकुर उतनी दमदार नहीं निकलीं जितनी की उम्मीद थी। प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव मैदान में उतारकर भोपाल सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। आरएसएस से जुड़े 5000 कार्यकर्ताओं की फौज के बाद अब अमित शाह ने अपने सबसे विश्वासपात्र सेनापति भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं गुजरात प्रभारी ओपी माथुर को भोपाल भेजा है। 

बताया जा रहा है कि ओपी माथुर अब 10 मई तक भोपाल में ही रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन और प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह ने भी भोपाल में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के प्रचार का फीडबैक लिया और सारे मंडलों की बैठक ली। इस दौरान रोड शो की तैयारी की भी रणनीति बनाई गई। भोपाल लोकसभा सीट भाजपा और संघ के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी हुई है। 

भोपाल से कार्यकर्ताओं को काम पर लगाएंगे

कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के खिलाफ भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी ये सोचकर बनाया था कि वोटों का ध्रुवीकरण होगा और पार्टी आसानी से जीत जाएगी, लेकिन मतदान की तारीख नजदीक आने के बावजूद पार्टी वोटों का ध्रुवीकरण कराने में सफल नहीं रही। बड़ी समस्या यह है कि भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं ने प्रज्ञा ठाकुर को अस्वीकार कर दिया। इन्हीं सब शिकायतों के बाद पार्टी हाईकमान ने भाजपा के वरिष्ठ नेता ओपी माथुर को भोपाल भेजा है। अब वे 10 मई तक भोपाल में रहकर मोर्चा संभालेंगे। माथुर मध्य प्रदेश के संगठन के मिजाज से वाकिफ है।

अमित शाह के रोडशो से हवा बदलने की तैयारी

2003 में भाजपा के बंपर बहुमत के समय मप्र के प्रभारी थे। मौजूदा हालात का सारा फीडबैक राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन ने भी लिया। प्रदेश कार्यालय में उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो की तैयारी को लेकर बैठक भी ली। स्थानीय सभी विधायकों से उन्होंने बातचीत कर पूरी ताकत झोंकने के भी निर्देश दिए हैं। भाजपा हाईकमान भोपाल सीट पर निरंतर नजर रखे हुए है।

पांच दिग्गज नेता पहले ही थे, अब माथुर भी आ गए

भाजपा के कई दिग्गज नेता इन दिनों भोपाल या प्रदेश के अन्य इलाकों में डेरा डाले हुए हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती, प्रभात झा, डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे पहले से ही प्रदेश में सक्रिय हैं। अब उपाध्यक्ष ओपी माथुर भी यहां आ गए हैं।