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मप्र: 11 कांग्रेस प्रत्याशियों को करोड़ों का हवाला मिला, सबसे ज्यादा दिग्विजय सिंह को: मीडिया रिपोर्ट | MP NEWS

भोपाल। आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई के बाद अब मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के नजदीकियों पर सीबीआई का शिकंजा भी कस सकता है। खबर आ रही है कि सीबीआई के पास चुनाव आयोग एवं आयकर विभाग की ओर से कुछ ऐसे दस्तावेज भेजे गए हैं जिनमें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से बड़े पैमाने पर 'हवाला' के जरिए कालाधन की आवाजाही के सबूत हैं। बताया जा रहा है कि 5 विभागों से वसूली की गई और 11 प्रत्याशियों को पैसे भेजे गए। 

कमलनाथ ने 11 प्रत्याशियों को हवाला के जरिए कालाधन भिजवाया

आयकर विभाग की जांच और उसके दस्तावेजों के आधार पर टाइम्स नाऊ ने यह दावा भी किया है कि लोकसभा चुनाव में 11 प्रत्याशियों को 25 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक मोटी रकम भेजी गई। सीबीआई के पास चुनाव आयोग की ओर से डीओपीटी को भेजे गए दस्तावेज पहुंचे हैं, जिनमें यह जिक्र है। जिन लोगों पर अप्रैल 2019 में आयकर छापा पड़ा था, उन्होंने ही इसे जुटाया था। आरके मिगलानी, प्रवीण कक्कड़ और ललित कुमार छजलानी के नामों का उल्लेख दस्तावेजों में है। 

दिग्विजय सिंह को सबसे ज्यादा 90 लाख रुपए हवाला के जरिए मिले

इसमें आरोप है कि यह पैसा मप्र के उम्मीदवारों के पास आए हैं। इनमें कमलनाथ के पांच करीबी सहयोगी हैं। डायरी में एकाउंट और बयानों के साथ वाॅट्सएप चैटिंग के आधार पर पैसे के ट्रांसफर को पकड़ा गया है। जांच रिपोर्ट का हवाला देकर यह भी कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इस सूची में शीर्ष पर हैं। जिन्हें चुनाव का फंड मिला है जो करीब 90 लाख रुपए है। 

और किस-किस को पैसे भेजे गए

जिन प्रत्याशियों के पास पैसा पहुंचने की बात कही गई है, उनमें मीनाक्षी नटराजन, कमल मरावी, अजय सिंह, प्रमिला सिंह, देवाशीष जरारिया, शैलेंद्र दीवान, कविता सिंह व प्रताप सिंह लोधी शामिल हैं। इन सभी ने हालांकि मीडिया रिपोर्ट के हवाले से आई जानकारी पर या तो टिप्पणी नहीं की या फिर इसे गलत बताया। मिगलानी का भी कहना है कि रिपोर्ट में किनके नाम हैं मैं उन्हें नहीं जानता।

किस विभाग से कितने आए

आयकर दस्तावेजों में अलग-अलग विभागों से आए फंड का भी उल्लेख है। परिवहन से 54.45 करोड़, आबकारी से 36.62 करोड़, माइनिंग से 5.50 करोड़, पीडब्ल्यूडी से 5.20 करोड़ और सिंचाई विभाग से 4 करोड़ रुपए कलेक्शन किया गया। चेलानी की तरफ से एआईसीसी को 17 करोड़ रुपए भेजे जाने का भी उल्लेख मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है। चेलानी के कंप्यूटर से जानकारी सामने आई है।