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VIDEO हमारे पास आओगे तो समझ लीजिए मैं क्या करूंगी: मेनका गांधी | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। इससे पहले भी मेनका ​गांधी के कुछ विवादित बयान और अभद्र शब्द सामने आ चुके हैं। यह चुनावी माहौल है। मेनका गांधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने एक सभा में मतदाताओं को सीधी धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि वोट नहीं दोगे तो फिर सोच लो, मैं तो जीत ही रही हूं। कल आप काम लेकर आओगे तो...। 

मेनका गांधी मुस्लिम इलाके में एक नुक्कड़ सभा में धमकी देते हुए कह रही हैं, 'मैं तो चुनाव जीत रहीं हूं, ऐसे में आप हमारा साथ दीजिए वरना कल जब आप काम के लिए हमारे पास आओगे तो समझ लीजिए मैं क्या करूंगी। मैं कोई महात्मा गांधी की छठी औलाद नहीं हूं। मेनका गांधी सुल्तानपुर जिले के मुस्लिम बहुल गांव तुराबखानी इलाके में एक नुक्कड़ सभा कर रही थीं, जिसमें वह मुसलमानों को धमकी देते हुए वोट मांग रही हैं। इसका जनसभा का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें मेनका मेनका गांधी कह रही हैं कि हम खुले हाथ और खुले दिल के साथ आए हैं आपको कल मेरी जरूरत पड़ेगी। अब आपको जरूरत के लिए नींव डालनी है, तो सही वक्त है।

मेनका गांधी यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने आगे कहा कि मेरे फॉउंडेशन ने आपके लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, लेकिन जब चुनाव आता है तो आप कहते हैं कि हम बीजेपी को वोट नहीं करेंगे। मैं तो इलेक्शन पार कर (जीत) चुकी हूं। ये जीत आपके बिना भी होगी तो खट्टी होगी। ऐसे में जब रिजल्ट आएगा और आपके बूथ से 50 वोट या 100 वोट आएगा। ऐसे में आप मेरे पास काम के लिए आओगे तो समझ लीजिए। मेनका गांधी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मेनका गांधी इस वीडियो में कहते हुए दिख रही हैं कि मैंने अपने फाउंडेशन से कम से कम 1 हजार करोड़ रुपए केवल मुसलमानों के संस्थाओं के लिए बांटे हैं ताकि वे फलें-फूले। इसी बीच मेनका ने कहा ने कहा कि सवाल ये है- आप लोग जब आते हो मदद के लिए तो चुनाव के टाइम आप कहोगे बाबा नहीं.. हम बीजेपी को नहीं देंगे। हम कोई भी पार्टी को दे देंगे, जिससे बीजेपी हारेगी तो हमारा दिल भी टूटता है।

उन्होंने कहा कि आपको पहचानना पड़ेगा। ये जीत आप के बिना भी होगी आपके साथ भी होगी और यह चीज आपको सब जगह फैलानी पड़ेगी। जब मैं दूसरा हाथ लेकर आई हूं अगर आप पीलीभीत में पूछ लें। पीलीभीत के किसी भी बंदे को फोन करके आप पूछ लो कि मेनका गांधी ने वहां कैसा काम किया है।