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MP NEWS | 30 गांव में आग का तूफान, सैंकड़ों लापता, 2 शव मिले, 25 घायल अस्पताल पहुंचे



भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नजदीक नर्मदा नदी के किनारे स्थित होशंगाबाद जिले के 30 गांव भयानक आग की चपेट में आ गए। 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चल रही आंधी से नरवाई में लगी आग को 'सूनामी' जैसा बना दिया। 10 से 15 फीट ऊंची लपटों ने 30 गांव के कई खेतों और घरों को जलाकर राख कर दिया। हालात यह थे कि आग भरी आंधी के लपेटे में जो भी आया राख हो गया। अब तक 2 शव मिले हैं जबकि 25 लोग घायल अवस्था में अस्पताल दाखिल किए गए हैं। सैंकड़ों ग्रामीण गायब हैं। वो सुरक्षित कहीं छिप गए हैं या आग की चपेट में आए, कुछ समय बाद ही पता चल पाएगा। 

बताया जाता है कि नरवाई (कटाई के बाद बची फसल) में आग लगी थी, जो आंधी से अन्य खेतों में फैलती गई। देर रात तक कुलामढ़ी, रसूलिया, निमसाड़िया समेत कुल 30 गांवों के घरों तक आग पहुंच गई थी। इस दौरान 10 से 15 फीट ऊंची लपटें देखी गईं। विशाल राक्षस की तरह आग की लपटों में जो आया, जलकर खत्म हो गया। पांजराकलां निवासी दिलीप (28) और अमित (32) की जलने से मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। एक व्यक्ति को गंभीर हालत में भोपाल रैफर किया गया। कई ग्रामीण लापता हैं।

इन गावों में फसलें तबाह

कुलामड़ी, निमसाड़िया, गाैरा, खाेजनपुर, निटाया, फेफरताल, सिवनी मालवा, शिवपुर, पांजरा, पथाैड़ी समेत 30 गांवाें की फसलें जल गईं। रात 11 बजे तक प्रशासन नुकसान का आकलन नहीं कर पाया। इन गावों में कितनी संपत्ति और मवेशियों को नुक्सान हुआ है, फिलहाल कोई अनुमान नहीं लगा पा रहा है। चारों तरफ बस राख ही राख नजर आ रही है। 

पांजरा समेत चार गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान:  

आग से पांजरा, निमसाड़िया, बडोदिया कला, निटाया में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इन गांवों के कई लोग लापता हैं। वहीं, रसूलिया गीता भवन के पीछे नरवाई की आग रहवासी क्षेत्र तक पहुंच गई। लोगों ने घर में रखे 2 गैस सिलेंडर बाहर निकाले।

13 फीडर से सप्लाई ठप, इलाके में ब्लैकआउट

आंधी के कारण बिजली कंपनी के सभी 13 फीडर बंद हो गए। इससे होशंगाबाद शहर समेत गांवों में ब्लैकआउट रहा। इटारसी, सिवनीमालवा समेत ग्रामीण क्षेत्र में बारिश हुई। रात 2 बजे तक आग से झुलसे लोग अस्पताल पहुंचाए गए। प्रशासन ने जिला अस्पताल को अलर्ट पर रखा है।

एक ही परिवार के तीन लोग झुलसे : 

इटारसी से सरगांव जा रहा चमन मालवीय का परिवार गेहूं की फसल में लगी आग की चपेट में आ गया। इससे पत्नी क्षमा मालवीय, बेटी और बेटा नितिन बुरी तरह जख्मी हो गए।