KAMAL NATH के बहनोई की कंपनी की कहानी जहां आयकर का छापा पड़ा | BUSINESS NEWS

Advertisement

KAMAL NATH के बहनोई की कंपनी की कहानी जहां आयकर का छापा पड़ा | BUSINESS NEWS

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से जुड़े लोगों के यहां छापामार कार्रवाई के लिए आयकर विभाग दिल्ली ने विशेष ऑपरेशन कक्कड़, इस ऑपरेशन में कमलनाथ के बहनोई एवं रतुल पुरी के पिता दीपक पुरी (DEEPAK PURI) की कंपनी मोजरबियर पर भी छापा मारा गया। बता दें कि यह कंपनी 2018 में दिवालिया घोषित की जा चुकी है और शेयर बाजार से इसे बाहर निकाल दिया गया था। सवाल यह है कि आयकर विभाग ने एक दिवालिया हो चुकी कंपनी पर छापामार कार्रवाई क्यों की, वहां ऐसा क्या था जिसकी जांच की जानी थी। आयकर विभाग ने समाचार लिखे जाने तक इसका कोई खुलासा नहीं किया है। 

विश्व की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी में रतुल पुरी की एंट्री

किसी जमाने में प्रमुख ऑप्टिकल डिस्क निर्माता कंपनी रही मोजरबियर इंडिया लिमिटेड अब दिवालिया हो चुकी है। इस कंपनी की सफलता जितनी शानदार रही है, पतन उतना ही डरावना है। इस कंपनी के पतन में चीन का भी बड़ा योगदान रहा। 1983 में दीपक पुरी की अगुवाई में दिल्‍ली से शुरुआत करने वाली मोजर बियर इंडिया लिमिटेड कुछ ही साल में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सीडी और डीवीडी के उत्पादन करने वाली कंपनी बन गई। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक मोजर बियर दुनिया की हर 5वीं डिस्‍क मैन्‍युफैक्‍चर करती थी। 1993 में दीपक पुरी के बेटे और कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी ने मोर्चा संभाला। तब कंपनी ने रातुल पुरी की अगुवाई में मोबाइल के मेमोरी कार्ड, एलईडी बल्‍ब और सोलर प्लांट का भी उत्पादन शुरू कर दिया।

रातों रात हजारों कर्मचारी बेरोजगार हुए

मोजर बियर ने कारोबार का विस्‍तार दिल्‍ली के अलावा एनसीआर-नोएडा, ग्रेटर नोएडा में भी किया। इसके बाद मोजर बियर ने 2006 में होम एंटरनेटमेंट बिजनेस में एंट्री की। कंपनी के बैनर तेल हिंदी और भोजपुरी फिल्‍में भी बनीं। एक समय कंपनी में 11 हजार स्थायी और चार हजार अस्थायी कर्मचारी थे लेकिन धीरे-धीरे कंपनी की स्थिति बिगड़ती चली गई। रातो-रात कंपनी के हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो गए।

चीन की कंपनियों ने पूरा बाजार छीन लिया

मोजर बियर के पतन में सबसे बड़ा योगदान भारतीय बाजार में चीन का दखल था। फोर्ब्‍स इंडिया पत्रिका के मुताबिक चीन ने इंडियन मार्केट और कस्‍टमर को सीडी और डीवीडी के सस्‍ते और बेहतर विकल्‍प देने शुरू किए। इसका असर यह हुआ कि मोजर बियर इस मार्केट में पिछड़ती चली गई। इसके अलावा इंटरनेट और स्‍मार्टफोन की क्रांति की वजह से भी कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ। लोगों की दिलचस्‍पी सीडी और डीवीडी में न होकर वीडियो और डाउनलोडिंग में बढ़ गई। मोजरबियर ने जब 2005 में सोलर बाजार में हाथ आजमाया तो चीन ने यहां भी उसे शिकस्‍त दी।

2018 में कंपनी को दिवालिया घोषित किया गया

2018 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने मोजर बियर इंडिया लिमिटेड कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया था। इस कंपनी पर तब करीब 4 हजार 356 करोड़ रुपये का कर्ज था। आर्थिक संकट के चलते मोजर बियरको 3 नवंबर, 2017 को बंद कर दिया गया था।

2018 में शेयर बाजार ने दिया था झटका 

अक्‍टूबर 2018 में बंबई शेयर बाजार (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने मोजर बियर इंडिया के शेयरों में कारोबार रोकने का ऐलान किया। इसका मतलब यह हुआ कि शेयर बाजार में इस कंपनी का वजूद नहीं रह गया है और कोई मोजर बियर के शेयर की खरीद-बिक्री नहीं कर सकता है।

10 हजार से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हुए

एनसीएलटी द्वारा दिवालिया घोषित किए जाने से कंपनी में कार्यरत 10 हजार से भी अधिक कर्मचारी सड़क पर आ गए। कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिला था। कर्मचारियों ने वेतन को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया. मामला अब भी कोर्ट में चल रहा है।

Directors of MOSER BAER INDIA LIMITED

DEEPAK PURI Managing Director 21 March 1983
NITA PURI Wholetime Director 01 May 1992
VINEET SHARMA Director 31 March 2011