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INDIA के नंबर 1 शहर INDORE में 10 फीट गहरा गड्ढा, REWA का छात्र गिरा, मौत | MP NEWS



इंदौर। मध्यप्रदेश के महानगर इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा लगातार तीसरी बार मिल चुका है परंतु इसी इंदौर शहर के नगर निगम की लापरवाही एक छात्र की मौत का कारण बन गई। बाणगंगा इलाके में सड़क पर 10 फीट गहरा गड्ढा था। आसपास कोई अवरोधक व चेतावनी भी नहीं थी। यहां तक कि स्ट्रीट लाइट भी नहीं थी। घर से दवाई लेने निकला छात्र स्कूटर सहित गड्ढे में जा गिरा, उसकी मौत हो गई। 

नितिन मेडिकल की तैयारी कर रहा था

पलासिया पुलिस के मुताबिक, रीवा का रहने वाला नितिन (21) पिता सियाराम मधुकर बड़वानी प्लाजा में रह रहा था। उसके पिता और मां टीचर हैं। अरविंदो कॉलेज से एमडी की पढ़ाई कर रहे नितिन के बड़े भाई डाॅ. विपिन मधुकर ने बताया- नितिन मेडिकल की तैयारी कर रहा था। दो माह पहले ही बड़वानी प्लाजा में रहने आया था। उसे बुखार था और उल्टियां भी हो रही थी। उसे दवा का पता था तो खुद ही स्कूटी से रात 10.45 बजे दवा लेने के लिए निकल गया।

न स्ट्रीट लाइट थी, ना चेतावनी 

इमलेश्वर महादेव मंदिर से मनोरमागंज की ओर जाने वाले रास्ते में 10 फीट गहरे गड्‌ढे में वो गाड़ी सहित जा गिरा। उसके सिर में गहरी चोटें आई। संभवत: उसकी मौके पर ही मौत हो गई। डॉ. विपिन पुलिस के साथ रात 11 बजे घटनास्थल पहुंचे। वहां न स्ट्रीट लाइट थी न सुरक्षा के इंतजाम। उन्होंने गड्‌ढा खोदने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

बीएसएनएल ने खोदा था गड्‌ढा

नगर निगम की गाइडलाइन के मुताबिक कोई भी विभाग गड्ढा खोदे उसे सुरक्षा के इंतजाम करना होंगे। दूसरे विभागों को निगम से अनुमति लेना होती है। इसे लागू करने के बजाय निगम के अफसर बीएसएनएल विभाग का गड्‌ढा बता रहे हैं जबकि बीएसएनएल के मुताबिक उस क्षेत्र में उनकी कोई साइट नहीं चल रही। 

बीएसएनएल ने खोदा था: निगम 

मनोरमागंज में बीएसएनएल के कर्मचारी लाइन डालने का काम कर रहे थे। उन्होंने गड्ढा खोदा था। छात्र के गड्ढे में गिरने के बाद उन्होंने मंगलवार को गड्ढा भर दिया। 
- नागेंद्रसिंह भदौरिया, जोनल अधिकारी, नगर निगम

हमारी वहां कोई साइट नहीं: बीएसएनएल

हम गड्ढा खोदते हैं तो एक आदमी मौके पर खड़ा रखते हैं और तुरंत उसे भरने के बाद ही वहां से टीम हटती है। पलासिया क्षेत्र में हमारी कोई साइट नहीं चल रही है।
- सुरेश प्रजापति, प्रधान महाप्रबंधक, बीएसएनएल