मप्र के 15 जिलों में तेज आंधी की चेतावनी | MP WEATHER FORECAST

Bhopal Samachar
भोपाल। शुक्रवार शाम अचानक मध्यप्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी आई। हालात यह थे कि कई पेड़ गिर गए। कई घरों का सामान और कच्चे मकानों की छत तक उड़ गए। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले 24 घंटों में मध्यप्रदेश के 3 संभागों के 15 जिलों में इसी तरह की आंधी आ सकती है। हवा की स्पीड 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी। 

पूरा प्रदेश भारी गर्मी की चपेट में 

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों में दौरान होशंगाबाद, भोपाल तथा ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहा। ग्वालियर, सागर संभाग और रीवा, शहडोल, होशंगाबाद तथा उज्जैन संबाग में शनिवार को भी लू चल रही है। शहडोल, चंबल एवं सागर, ग्वालियर संभाग में आज भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिले शनिवार को लू की चपेट में हैं। मौसम विज्ञानी जीडी मिश्रा के अनुसार दिन के तापमान के साथ-साथ प्रदेश के अधिकांश सभी जिलों में अधिकतम तापमान के साथ न्यूनतम तापमान में भी 3 से 4 डिग्री का इजाफा हुआ है। भोपाल में शनिवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहा।  

बदला मौसम की मिजाज: 

दिनभर लू चलने से पूरा अंचल भीषण गर्मी की चपेट में है। शुक्रवार को ग्वालियर में 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सीजन का सबसे अधिक है। वहीं श्योपुर 43.4 डिग्री के साथ अंचल में सबसे ज्यादा गर्म रहा। हालांकि शाम 7 बजे के बाद अचानक मौसम में बदलाव आ गया। पहले बिजली चमकने के साथ बूंदाबांदी और करीब 30 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। इससे कई जगह पेड़ भी गिर गए। इस दौरान शहर के कई क्षेत्रों की बिजली गुल भी हो गई। मौसम विज्ञानी एसके डे के अनुसार अगले दो दिन तक बादल छाने व बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। 

क्यों हुआ ऐसा: 

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजधानी सहित पूरे प्रदेश में तापमान बढ़ा हुआ हैं। साथ ही पश्चिमी राजस्थान पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना है। राजस्थान से उत्तरी मध्य प्रदेश से होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ बना है। इसी तरह विदर्भ से उत्तरी मराठवाड़ा तक भी एक ट्रफ बना हुआ है। इससे कुछ नमी भी आ रही है। लेकिन तापमान अधिक होने और वातावरण में नमी कम रहने से ठंडी और गर्म हवा का टकराव होने से आंधी के साथ ही गरज-चमक की स्थिति बन रही है। यह प्री मानसून एक्टिविटी का हिस्सा है। आगे भी इस तरह की स्थिति समय-समय पर बनती रहेगी।
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